Saturday, July 13, 2024
Entertainment

Maidaan Movie Review : जोश-जज्बे और इमोशन्स से भरी है Ajay Devgn की ‘मैदान……

Maidaan Movie Review : जब भी किसी फ़िल्म के अंदर अतीत दिखाना होता है तो यह ध्यान में रखना होता है की उसको पर्दे पर हुबहू किस तरह से उतारा जाए. हमारे देश में कई ऐसे लोग हुए हैं जिन्होंने हमारे देश को दुनिया की नजर में एक अलग पहचान दी है. उनमें से एक ऐसे ही व्यक्ति हैं जिनका नाम है सैयद अब्दुल रहीम.

रहीम साहब ही वह व्यक्ति है जिन्होंने हिंदुस्तान को एशियन गेम्स (Asian Games) में फुटबॉल ( Football) में कई गोल्ड मेडल ( Gold Medal) दिलवाएं. इसी चीज को देखते हुए उनके ऊपर एक फिल्म आ रही है जिसका नाम है ‘मैदान’ ( Maidaan). इस फिल्म में उनके जीवन और कैसे वह फुटबॉल में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाते हैं उसके बारे में बताया गया है.

जानें फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी शुरू होती है 1952 से जहां पर इंडियन फुटबॉलर्स नंगे पैर फुटबॉल खेल रहे होते हैं. बिना जूते की वजह से किसी प्लेयर के पैर में चोट लगती है तो कोई प्लेयर दूसरे प्लेयर को टेकल नहीं कर पाता जिसकी वजह से इंडियन टीम को हार का सामना करना पड़ता है.

उसके बाद कोलकाता फेडरेशन में इस मैच के बारे में बात होती है जहां पर सैयद अब्दुल रहीम (Syed Abdul Rahim) पर सारी जिम्मेदारियां और हार का जिम्मा डाल दिया जाता है.उसके बाद रहीम(Syed Abdul Rahim)कहते हैं कि अगर टीम की हार की वजह मैं हूं तो टीम चुनने का भी हक मुझे ही होना चाहिए.जिसके बाद वह पूरे हिंदुस्तान में अच्छे-अच्छे प्लेयर्स ढूंढने के लिए निकल जाते हैं.

शुरू हुई होनहार खिलाड़ियों की खोज

रहीम कोलकाता,पंजाब, केरल जैसे हर शहर में जाकर अच्छे से अच्छे प्लेयर (Player) ढूंढ कर टीम बनाते हैं.जिसके दम पर वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतना चाहते थे.इस टीम में बड़े ही बेहतरीन खिलाड़ी थे. उधर कोलकाता फेडरेशन में बैठे शुभंकर सेनगुप्ता, रहीम साहब(Syed Abdul Rahim) को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे और दूसरी तरफ सीनियर जर्नलिस्ट ( Senior Journalist) राय चौधरी,रहीम साहब(Syed Abdul Rahim)को फुटबॉल कोच (FootBall Coach )की पोजीशन से गिराने के लिए एड़ी से छोटी तक का जोर लगा रहे थे.

इस फिल्म में रहीम साहब की जिंदगी और एशियाई गेम्स (Asian Games) में भारत को गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतने के जज्बे को दिखाया गया है कि वह किस तरह सारी मुश्किलों को पार करते हुए हिंदुस्तान को एशियन गेम्स (Asian Games ) में फुटबॉल (Football) में कैसे उसका पहला गोल्ड मेडल (Gold Medal) दिलाते हैं.