Begusarai News : अवैध SIM Box के जरिए साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को बिहार के वैशाली और ओडिशा के जगतपुर इलाके में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान साइबर अपराधियों को कथित तौर पर सिम कार्ड उपलब्ध कराने के मामले में Airtel के महुआ क्षेत्र के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर पंकज कुमार को गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक पंकज कुमार पर अवैध SIM Box के लिए बड़ी संख्या में गलत तरीके से SIM cards उपलब्ध कराने का आरोप है। छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, SIM cards और अन्य digital devices भी बरामद किए गए हैं।
वैशाली में 700 से ज्यादा SIM जारी करने का आरोप
जांच में सामने आया कि वैशाली जिले के एक दर्जन से अधिक Point of Sale (POS) पर उपलब्ध credit limit का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। इसी प्रक्रिया के जरिए 700 से अधिक SIM cards जारी किए जाने की बात सामने आई है।
CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन SIM cards का इस्तेमाल किस नेटवर्क ने किया और इनके जरिए कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया।
सुपौल में मिला था 1,300 से ज्यादा SIM का कनेक्शन
अवैध SIM Box का मामला बिहार में पहले भी सामने आ चुका है। पिछले साल सुपौल में बिहार पुलिस ने SIM Box के जरिए साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया था।
जिस मकान में कथित तौर पर SIM Box संचालित किया जा रहा था, वहां से 1,300 से अधिक SIM cards बरामद किए गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी थी।
1,300 SIM से जुड़े 73 साइबर अपराध मामले
जांच के दौरान इन SIM cards से जुड़े data का analysis किया गया। इसमें देशभर में कम से कम 73 cyber crime cases से इनके connection की बात सामने आई है।
इनमें Digital Arrest के नाम पर की गई साइबर ठगी से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं। जांच में यह भी पता चला कि कई SIM cards ऐसे लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी।
इससे आशंका मजबूत हुई कि SIM जारी करने की प्रक्रिया में पहचान और verification से जुड़े नियमों का दुरुपयोग किया गया।
क्या होता है अवैध SIM Box?
SIM Box एक ऐसा उपकरण होता है जिसमें बड़ी संख्या में SIM cards लगाए जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल वैध परिस्थितियों में भी हो सकता है, लेकिन साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग करके internet-based calls को सामान्य mobile calls की तरह route करने और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर सकते हैं।
इसी वजह से अवैध SIM Box नेटवर्क साइबर अपराध और telecom fraud की जांच में गंभीर विषय बन गया है।
CBI जांच से खुल सकते हैं नेटवर्क के और राज
वैशाली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गलत तरीके से जारी किए गए SIM cards किन लोगों तक पहुंचे, उनका इस्तेमाल कहां हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
1,300 से अधिक SIM cards और उनसे जुड़े 73 cyber crime cases का connection इस मामले को गंभीर बनाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


