Begusarai News : राजधानी पटना के दानापुर में रहने वाले Chartered Accountant (CA) गौरव गुंजन के खिलाफ करीब 457 करोड़ रुपये अवैध तरीके से विदेश भेजने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। मामला आयकर विभाग की जांच के दौरान सामने आया, जिसके बाद विभाग के Assistant Director प्रिंस बाबू मिश्रा की शिकायत पर बिहार पुलिस की Economic Offences Unit (EOU) ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी EOU के अपर पुलिस अधीक्षक प्रतेंद्र भारती को सौंपी गई है। एजेंसी अब उन कंपनियों, बैंकिंग transactions और documents की जांच कर रही है, जिनके आधार पर इतनी बड़ी रकम विदेश भेजे जाने का आरोप है।
Form 15CB को लेकर गंभीर आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, CA गौरव गुंजन पर आरोप है कि उन्होंने जरूरी दस्तावेजों और पर्याप्त जांच-पड़ताल के बिना विदेश रकम भेजने के लिए आवश्यक Form 15CB को certify किया और certificate जारी किए।
आयकर विभाग का दावा है कि इसी प्रक्रिया के जरिए वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-25 के बीच करीब 457 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए।
Form 15CB विदेश में payment/remittance से जुड़ा एक महत्वपूर्ण tax certificate है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित transactions के लिए जरूरी दस्तावेज और verification प्रक्रिया पूरी की गई थी या नहीं।
मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु और भुवनेश्वर की कंपनियां जांच के दायरे में
जांच में सामने आया है कि विदेश भेजी गई रकम मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में स्थित अलग-अलग कंपनियों के नाम पर भेजी गई थी।
आयकर विभाग और EOU को इन transactions में कई स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन संस्थानों के लिए certificates जारी किए गए, उनमें से कुछ के पते और कारोबार की वास्तविक स्थिति संदिग्ध बताई गई है।
घोषित आय और विदेश भेजी रकम में बड़ा अंतर
जांच एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि कुछ कंपनियों की declared income और उनके नाम पर विदेश भेजी गई रकम के बीच काफी बड़ा अंतर पाया गया।
यही वजह है कि अब EOU पूरे financial trail की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रकम वास्तव में किन लोगों या संस्थाओं तक पहुंची और इन transactions के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
आयकर जांच से सामने आया मामला
यह पूरा मामला पहले Income Tax Department की जांच में सामने आया था। विभाग की ओर से मिली शिकायत के आधार पर EOU ने अब FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू की है।
हालांकि, इस मामले में CA गौरव गुंजन की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या पक्ष है, इसकी जानकारी इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित financial irregularities में किस-किस की भूमिका थी और विदेश भेजी गई रकम का वास्तविक स्वरूप क्या था।


