बेगूसराय: जिले में बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बेगूसराय के 8 अंचलों के 189 गांव और 325 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में रहने वाली करीब 3 लाख 80 हजार 980 की आबादी इस समय बाढ़ की स्थिति से प्रभावित है।
बाढ़ की स्थिति को लेकर रविवार, 6 सितंबर को समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री और बेगूसराय के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान जिले में राहत-बचाव कार्य, तटबंधों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
8 अंचलों में बाढ़ का असर
प्रशासन के अनुसार बेगूसराय सदर, बछवाड़ा, साहेबपुर कमाल, बलिया, तेघड़ा, मटिहानी, बरौनी और शाम्हो अकहा कुरहा अंचल बाढ़ से प्रभावित हैं।
इन इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ लोगों के भोजन की भी व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल 85 सामुदायिक रसोई चल रही हैं, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है।
इनमें सबसे ज्यादा 30 सामुदायिक रसोई बलिया में चल रही हैं। बछवाड़ा में 17, मटिहानी में 11, तेघड़ा में 9, जबकि बेगूसराय सदर, साहेबपुर कमाल और बरौनी में 6-6 सामुदायिक रसोई संचालित हैं।
प्रशासन ने जिले में कुल 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर चिन्हित किए हैं। जरूरत बढ़ने पर ड्राई राशन और फूड पैकेट तैयार करने के लिए 26 जगहों पर टीमों को भी तैयार रखा गया है।
राहत कार्य के लिए 223 नावें लगातार चल रहीं
बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में नावों के जरिए लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
जिले में कुल 260 नावें अनुबंधित की गई हैं। इनमें 21 सरकारी और 239 निजी नावें हैं। फिलहाल 223 नावें प्रभावित इलाकों में लगातार चल रही हैं।
प्रशासन ने आपात स्थिति को देखते हुए 7 मोटरबोट, 155 लाइफ जैकेट और लाइफबॉय के साथ 92 प्रशिक्षित गोताखोरों को भी तैयार रखा है।
एयरड्रॉपिंग की जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए जिले में 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
5 हजार से ज्यादा लोगों का इलाज
बाढ़ के दौरान बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।
प्रशासन के अनुसार जिले में सर्पदंश, डायरिया, ओआरएस और अन्य जरूरी दवाओं समेत 122 प्रकार की जीवनरक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
वर्तमान में 36 मेडिकल टीमें और एक बोट एम्बुलेंस प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 5,164 लोगों का इलाज किया जा चुका है।
पशुओं के लिए भी 8 पशु राहत शिविर और 8 मोबाइल मेडिकल वैन सक्रिय हैं। बाढ़ से प्रभावित करीब 39,375 पशुओं में से अब तक 1,040 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुपालकों के लिए 345 क्विंटल पशुचारा भी बांटा गया है।
सभी 20 तटबंध सुरक्षित होने का दावा
बाढ़ के बीच तटबंधों की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दों में से एक है। समीक्षा बैठक में प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले के सभी 20 तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं।
इनमें 10 मुख्य तटबंधों की कुल लंबाई 168.67 किलोमीटर और 10 जमींदारी बांधों की लंबाई 47.44 किलोमीटर है।
अधिकारियों की टीमें तटबंधों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सभी 11 कटाव निरोधक और पुनर्स्थापन कार्य भी पूरा किए जाने की जानकारी दी गई है।
492 सड़कों में 470 की मरम्मत पूरी
बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम भी जारी है। प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 492 सड़कें ऐसी थीं, जिन्हें मरम्मत की जरूरत थी। इनमें से 470 सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है।
इसके अलावा 1,057 पुल-पुलियों के वेंट की सफाई पूरी कर ली गई है, ताकि पानी की निकासी में परेशानी न हो।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए 5 टैंकर, अस्थायी चापाकल और पीवीसी सिंटेक्स टैंक लगाए गए हैं।
किसानों के लिए भी तैयारी
बाढ़ का असर फसलों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार रखी है। जरूरत पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
24 घंटे सक्रिय है कंट्रोल रूम
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने बताया कि जिला, अनुमंडल और अंचल स्तर पर आपातकालीन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रख रहा है और जरूरत के मुताबिक राहत-बचाव संसाधनों को भेजा जा रहा है।
बैठक में प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। खास तौर पर भोजन, पीने का पानी, दवा, सूखा राशन और दूसरी जरूरी चीजें लोगों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बाढ़ में फंसे हैं या मदद की जरूरत है तो यहां करें संपर्क
बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में लोग जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC), बेगूसराय से संपर्क कर सकते हैं।
DEOC बेगूसराय
दूरभाष: 06243-450626
मोबाइल: 9279808780
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव के लिए जरूरी संसाधन तैनात हैं। हालांकि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति कैसी रहती है, इस पर प्रशासन के साथ-साथ प्रभावित इलाकों के लोगों की भी नजर बनी हुई है।


