बेगूसराय: जिले के भूमिहीन और वासभूमि रहित परिवारों के लिए राहत की खबर है। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने सोमवार को बताया कि ‘अभियान बसेरा-02’ के तहत पात्र परिवारों को नियमानुसार वासभूमि दी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में ही जमा करना है। किसी को पटना स्थित राज्य मुख्यालय या कहीं और जाने की जरूरत नहीं है।
समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित प्रेस वार्ता में DM ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने जिले में चल रही कार्रवाई और तय लक्ष्यों के बारे में भी बताया।
20 नवंबर को राज्यभर में 30 हजार प्रमाण-पत्र
DM के अनुसार अभियान बसेरा-02 के तहत 20 नवंबर 2026 को पूरे बिहार में 30 हजार बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र बांटने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य पूरे राज्य के लिए है। बेगूसराय के लिए अलग संख्या प्रेस वार्ता की जानकारी में नहीं बताई गई है।
कितनी जमीन और किन्हें मिलेगी
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवारों को कम से कम 3 डिसमिल और अधिकतम 5 डिसमिल वासभूमि देने की कार्रवाई चल रही है।
सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तय लक्ष्य के हिसाब से पात्र लाभुकों की पहचान करें, जरूरी जांच करें और समय पर बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराएं।
पंचायतों में लगेंगे शिविर
DM ने कहा कि यह अभियान सिर्फ प्रमाण-पत्र बांटने तक सीमित नहीं रहेगा। आम लोगों की राजस्व से जुड़ी समस्याओं के जल्द समाधान के लिए भी विशेष प्रयास होंगे।
इसके लिए जिला प्रशासन राजस्व पदाधिकारियों का रोस्टर बना रहा है। इसके तहत संबंधित अधिकारी नियमित रूप से पंचायतों में जाएंगे। पंचायत स्तर पर शिविर और विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इनमें राजस्व से जुड़ी समस्याओं का निपटारा, क्षतिग्रस्त जमाबंदी का सुधार और निःशुल्क भूमि मापी जैसे काम कराए जाएंगे।
अधिकारियों से कहा गया है कि शिविरों की जानकारी आम लोगों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोग इनका लाभ ले सकें।
बहकावे में न आएं, होगी कार्रवाई
DM ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के बहकावे या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति या संस्था अभियान के नाम पर लोगों को गुमराह कर पटना ले जाने या परेशान करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों से भी अपील
जिलाधिकारी ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अभियान की सुविधाओं और प्रावधानों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से पंचायत और गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी और असली पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचेगा।
DM ने कहा कि प्रशासन का मकसद है कि इस अभियान का लाभ पात्र और भूमिहीन परिवारों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। साथ ही पंचायत स्तर पर राजस्व समस्याओं के समाधान की व्यवस्था मजबूत की जा रही है, ताकि छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रेस वार्ता में अपर समाहर्ता, बेगूसराय बृज किशोर चौधरी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।

