Begusarai News : बेगूसराय जिले के गढ़पुरा प्रखंड की 9 पंचायतों में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 2011 की जनगणना को आधार बनाकर गांवों और वार्डों की सीमाओं को नए सिरे से निर्धारित किया जा रहा है। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई गांवों की पंचायत और वार्ड की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पहले चरण में राजस्व ग्रामों की मैपिंग
फिलहाल परिसीमन के पहले चरण में राजस्व ग्रामों की चौहद्दी तय करने के साथ उनकी गूगल लोकेशन मैपिंग का काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 सितंबर तक मैपिंग का काम पूरा कर इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की प्रक्रिया है।
इसके बाद पंचायतों के आरक्षण का रोस्टर तैयार किया जाएगा। आरक्षण रोस्टर तय होने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में किस श्रेणी के लिए सीट आरक्षित होगी।
आबादी के आधार पर तय होंगे वार्ड और पंचायत क्षेत्र
आयोग की गाइडलाइन के अनुसार, परिसीमन में आबादी को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। इसके तहत करीब 500 की आबादी पर एक वार्ड, 5 हजार की आबादी पर पंचायत समिति क्षेत्र, 7 हजार की आबादी पर ग्राम पंचायत और करीब 50 हजार की आबादी पर जिला परिषद क्षेत्र के गठन का प्रावधान बताया गया है।
गांव की पहचान से लेकर प्रतिनिधित्व तक पड़ेगा असर
परिसीमन का असर सिर्फ पंचायत के नक्शे तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गांवों की प्रशासनिक पहचान, वार्ड की सीमाएं और आने वाले चुनावों में प्रतिनिधित्व भी प्रभावित हो सकता है।
ऐसे में गढ़पुरा के लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिसीमन के बाद उनका गांव किस पंचायत में रहेगा? क्या उनका वार्ड बदलेगा? और जिस प्रतिनिधि को उन्होंने चुना है, क्या अगली बार भी वही उनके वार्ड का प्रतिनिधित्व करेगा?
परिसीमन के बाद पंचायतों की सीमाओं में बदलाव होने पर स्थानीय राजनीति और विकास की प्राथमिकताओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गढ़पुरा प्रखंड की इन 9 पंचायतों की तस्वीर कितनी बदलती है और किन गांवों की सीमाएं नए सिरे से तय होती हैं।


