Teghra Janmashtami Fair : आगामी 4 सितंबर को होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव और तेघड़ा के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक योजना तैयार की है।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, मद्य निषेध, नागरिक सुविधाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
संवेदनशील स्थानों पर तैनात होंगे पुलिस बल और दंडाधिकारी
डीएम ने प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों, मंदिरों और मेला परिसरों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
अवैध शराब के खिलाफ चलेगा अभियान
मद्य निषेध विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। मेला क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
तेघड़ा मेले में रात में विशेष गश्ती
तेघड़ा के ऐतिहासिक जन्माष्टमी मेले में रात्रि के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक निकास मार्गों को चिन्हित किया जा रहा है। मेला अवधि में रात के समय विशेष गश्ती के साथ पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती रहेगी।
सीसीटीवी से होगी निगरानी, खोया-पाया केंद्र बनेगा
मेला क्षेत्र के पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले मार्गों और प्रमुख प्रवेश-निकास स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बिछड़ने वाले बच्चों और अन्य लोगों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए मेला समिति के सहयोग से खोया-पाया नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने और उन्हें पहचान पत्र देने का निर्देश दिया गया है।
झुके बिजली पोल और लटकते तार होंगे दुरुस्त
विद्युत सुरक्षा को लेकर मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर झुके बिजली के पोल और लटकते तारों को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर बैकअप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। अग्नि सुरक्षा के लिए पूजा पंडालों और संवेदनशील स्थलों पर जरूरी अग्निशमन उपकरण तथा चिन्हित स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती की जाएगी।
भारी वाहनों पर नियंत्रण, बैरिकेडिंग की व्यवस्था
यातायात और सड़क सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मेला संपर्क मार्गों पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था रहेगी। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी। भारी वाहनों की आवाजाही और गति को नियंत्रित करने के साथ स्वयंसेवकों के सहयोग से श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और पानी की व्यवस्था
मेला क्षेत्र में अस्थायी शौचालय, शुद्ध पेयजल और पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी। आसपास के इलाकों में नियमित साफ-सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया है।
बिना अनुमति आयोजन पर रोक
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक अनुज्ञप्ति के बिना मेला या अन्य आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन अनिवार्य होगा। मूर्ति विसर्जन भी पुलिस की निगरानी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कराया जाएगा।
डीएम ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि जन्माष्टमी महोत्सव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। बैठक में नगर आयुक्त, सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, नगर कार्यपालक पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


