Begusarai News: जिले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे गंगा नदी का जलस्तर 43 मीटर दर्ज किया गया, जो 41.76 मीटर के खतरे के निशान से 1.24 मीटर ऊपर है। हालांकि, यह जिले के सर्वोच्च बाढ़ स्तर (HFL) 43.52 मीटर से अभी 0.52 मीटर नीचे है।
जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ ने बेगूसराय के 8 प्रखंडों के 189 गांवों को प्रभावित किया है। कुल 95,245 परिवार और करीब 3,80,980 लोगबाढ़ से प्रभावित हैं। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय के नेतृत्व में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं।
269 नावों से जारी है राहत और बचाव
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर नावों का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल जिले में 269 नावें चल रही हैं, जिनमें 23 सरकारी और 246 निजी नावें शामिल हैं।
त्वरित राहत एवं बचाव के लिए बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। वहीं बलिया क्षेत्र में NDRFकी प्रतिनियुक्ति की गई है।
183 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन
बाढ़ में फंसे और प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए जिले में 183 Community Kitchens संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक इन रसोई केन्द्रों से अब तक 7,42,141 थाली भोजन वितरित किया जा चुका है।
राहत के तौर पर प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन शीट भी दी जा रही है। अब तक 31,113 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं, जबकि प्रशासन के पास फिलहाल 41,880 शीट्स उपलब्ध हैं।
71 मेडिकल कैंप और 4 बोट एम्बुलेंस
बाढ़ के बीच लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 71 मेडिकल कैंप सक्रिय हैं। इसके अलावा पानी से घिरे क्षेत्रों में मरीजों तक पहुंचने के लिए 4 बोट एम्बुलेंस के माध्यम से medical services दी जा रही हैं।
अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 37,649 लोगों का इलाज किया जा चुका है। इससे साफ है कि बाढ़ के बीच health services को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
पशुओं के लिए 54 कैंप, 9,597 का इलाज
बाढ़ का असर केवल लोगों तक सीमित नहीं है। पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है। प्रभावित क्षेत्रों में 54 पशु कैंप चल रहे हैं।
इन कैंपों में अब तक 9,597 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुपालकों को राहत देने के लिए 1,785.1 क्विंटल पशुचारा भी वितरित किया जा चुका है।
27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित
बाढ़ से खेती को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। वर्तमान आकलन के अनुसार जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर कृषि रकवा प्रभावित हुआ है।
इनमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले प्रभावित रकवे का क्षेत्रफल 19,504 हेक्टेयर बताया गया है। कृषि क्षेत्र में नुकसान का assessment अभी जारी है।
सभी तटबंध सुरक्षित, लगातार निगरानी
जल संसाधन विभाग के अनुसार जिले के सभी तटबंध फिलहाल पूर्णतः सुरक्षित हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई और drinking water की व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग भी काम कर रहा है। अब तक 137 अस्थायी शौचालय संचालित किए गए हैं और पेयजल के लिए 73 नए चापाकल लगाए गए हैं।
प्रशासन ने कहा- हर प्रभावित परिवार तक पहुंचेगी मदद
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार monitoring की जा रही है।
प्रशासन के मुताबिक जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में नाzव, भोजन, medical assistance, drinking water, पशुचारा और अन्य राहत साzमग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सभी संबंधित विभाग आपसी coordination के साथ काम कर रहे हैं ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर जरूरी सहायता पहुंच सके।
The Begusarai के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण स्थानीय अपडेट यह है कि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन जिले के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए बड़े स्तर पर संसाधन तैनात किए हैं…..


