Begusarai News : बेगूसराय, मधुबनी और जमुई के अंचल अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया।
बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को पटना के शास्त्रीनगर में बेगूसराय, मधुबनी और जमुई के अंचल अधिकारियों (CO) के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने आम लोगों से जुड़े राजस्व मामलों को तय समय-सीमा में निपटाने का निर्देश दिया।
सचिव ने स्पष्ट कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने अंचल के Pending Cases की नियमित निगरानी करने और अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया।
जमाबंदी की गलतियां अभियान चलाकर होंगी दूर
बैठक में Jamabandi Correction के मामलों की समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि जमाबंदी में गलती होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी को देखते हुए हर मौजा में अभियान चलाकर जमाबंदी की गलतियों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी मामले को बिना वजह लंबित न रखा जाए।
5 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन की होगी जांच
सरकारी जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण में 5 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन की जांच करने को कहा गया है।
इसके साथ ही सरकारी जमीन से संबंधित जमाबंदियों की भी जांच की जाएगी। जो जमाबंदी लॉक है, उसे नियमों के अनुसार अनलॉक करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
मृत रैयतों के नाम पर चल रही जमाबंदी पर भी कार्रवाई
बैठक में मृत रैयतों के नाम पर वर्षों से चल रही जमाबंदी का मुद्दा भी उठा। सचिव ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी लंबे समय तक उसके नाम पर जमाबंदी चलती रहना उचित नहीं है।
अधिकारियों को ऐसे मामलों में खुद पहल कर योग्य उत्तराधिकारी के नाम जमाबंदी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जमीन के बंटवारे से जुड़े Mutation और नामांतरण के मामलों को भी पूरा करने को कहा गया।
फर्जी दस्तावेज देने वालों पर होगी कार्रवाई
दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदन में गलत जानकारी देने वालों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, फर्जी या जाली दस्तावेज के आधार पर आवेदन करने वालों के खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में भू-अभिलेख पोर्टलपर प्राप्त होने वाले आवेदनों की भी समीक्षा की गई।
Registry से पहले रिकॉर्ड की जांच जरूरी
अधिकारियों को जमीन की Registry से पहले संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की सही तरीके से जांच करने को कहा गया है। साथ ही आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना तथा गलत दस्तावेजों के आधार पर होने वाली परेशानी को कम करना है।
आम लोगों पर सीधे पड़ता है देरी का असर
समीक्षा बैठक में सचिव जय सिंह ने कहा कि राजस्व विभाग के काम में होने वाली देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। जमीन से जुड़े Jamabandi, Mutation, दाखिल-खारिज और सरकारी जमीन से संबंधित मामलों का समय पर निपटारा जरूरी है।
उन्होंने सभी CO को अपने क्षेत्र के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रत्येक मामले को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
राजस्व विभाग के इन निर्देशों का सीधा असर जमीन से जुड़े काम कराने वाले लोगों पर पड़ सकता है। जमाबंदी में सुधार, दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमीन के रिकॉर्ड की जांच जैसी प्रक्रियाओं में तेजी आने से लोगों को अंचल कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ सकते हैं।


