Success Story of BPSC 70th Kumar Vishwajeet : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के खरहट गांव निवासी कुमार विश्वजीत ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर जिले का नाम पूरे सूबे में रोशन किया है। कुमार विश्वजीत ने इस परीक्षा में 281वीं रैंक हासिल की है और अब वे SDM (अनुमंडल पदाधिकारी) के पद पर सुशोभित होंगे।
साधारण परिवार, असाधारण सफलता
कुमार विश्वजीत की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि वे एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। पिता शंभू शरण राय (सेवानिवृत्त होमगार्ड जवान) और माता गृहणी (हाउसवाइफ) है। एक होमगार्ड के पद पर रहकर देश और समाज की सेवा करने वाले पिता के घर में जन्मे विश्वजीत ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी आसमान छुआ जा सकता है। बेटे की इस कामयाबी से माता-पिता की आँखों में ख़ुशी के आंसू हैं और पूरे गांव में जश्न का माहौल है।
दूसरे प्रयास में हासिल किया मुकाम
महज 24 वर्ष की उम्र में यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले कुमार विश्वजीत का यह दूसरा प्रयास (2nd Attempt) था। पहले प्रयास में मिली असफलताओं से सीख लेते हुए उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और दोगुनी ताकत के साथ तैयारी में जुट गए। उनकी इस निरंतरता और सटीक रणनीति का नतीजा आज सबके सामने है।
गांव में बधाई देने वालों का तांता
जैसे ही बीपीएससी का फाइनल रिजल्ट आउट हुआ और विश्वजीत के एसडीएम बनने की खबर खरहाट गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विश्वजीत ने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम ऊंचा किया है, बल्कि पूरे बेगूसराय के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बने हैं।
“यह मेरी कड़ी मेहनत, माता-पिता के आशीर्वाद और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है। मैं आगे चलकर पूरी निष्ठा से जनता की सेवा करूँगा।”- कुमार विश्वजीत


