Begusarai News : बेगूसराय सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) अनिल कुमार एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में हैं। बेगूसराय शहर के वार्ड संख्या-22 स्थित ज्वेलर्स कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई पर भाजपा नेता राजेश सोनी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिना पूर्व नोटिस दिए कार्रवाई की गई, जबकि मामला सार्वजनिक सड़क का नहीं बल्कि निजी कॉलोनी का है।
राजेश सोनी ने कहा कि जिस गेट को हटाया गया, वह उनके परिवार और ज्वेलर्स व्यवसायियों की कॉलोनी की सुरक्षा के लिए लगाया गया था। उनका दावा है कि क्षेत्र में पहले कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश द्वार बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े विवाद में कुछ भू-माफियाओं और कथित दलालों के प्रभाव में आकर प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया।
वहीं, पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्याम शाह ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सड़क उनकी माता के कार्यकाल में बनाई गई थी और उस समय यहां किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं था। उनका कहना है कि अचानक इसे अतिक्रमण घोषित कर कार्रवाई किया जाना संदेह पैदा करता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नगर निगम और जिला प्रशासन से कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में SDM अनिल कुमार की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री द्वारा भी उनकी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताए जाने और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजे जाने की चर्चा रही है।
हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से यह कहा गया है कि सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई। दूसरी ओर, प्रभावित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई में समानता और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा एक पक्ष को नोटिस दिए बिना कार्रवाई कर दी गई।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और मामले की जांच होती है या नहीं।


