Author: Mahesh Bharti
बेगूसराय के चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। जन सुराज पार्टी ने यहाँ बड़ा दांव खेलते हुए बिहार के वरिष्ठ समाजवादी नेता और पांच बार विधायक रह चुके रामजीवन सिंह के पुत्र डॉ. राजीव नयन को पार्टी में शामिल करा लिया है। राजनीति रणनीतिकार प्रशांत किशोर खुद बेगूसराय जिले के मंझौल स्थित रामजीवन सिंह के आवास पहुँचे और न केवल डॉ. राजीव नयन को जन सुराज में शामिल कराया, बल्कि 94 वर्षीय समाजवादी नेता से आशीर्वाद भी लिया। रामजीवन सिंह का समाजवादी सफर और विरासत रामजीवन सिंह बिहार के उन बड़े नेताओं में गिने जाते…
Begusarai Politics News : बेगूसराय की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने करीब एक साल के राजनीतिक वनवास के बाद बेगूसराय संसदीय क्षेत्र में सक्रियता तेज कर दी है। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी Digital divide को समाप्त करने के संकल्प का पूरे देश में प्रभाव पड़ा है.सांसद निधि से बेगूसराय के सिंघोल के मध्य (उत्क्रमित) विद्यालय को १० कम्प्यूटर,प्रिंटर्स दिया था ।आज कम्प्यूटर कक्ष का उद्घाटन हुआ। बच्चों का उत्साह देखने लायक था। pic.twitter.com/hjQZKviaG1— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01) July 21, 2025 2024 लोकसभा चुनाव के बाद वनवास…
Begusarai News : विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में टिकट बंटवारे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। जिले के सात विधायकों में दो ऐसे विधायक हैं जिनका गृह क्षेत्र उनके वर्तमान विधानसभा क्षेत्र से बाहर है। यही वजह है कि अब ‘बाहरी बनाम भीतरी’ का मुद्दा यहां तेजी से गरमा रहा है। चेरियां बरियारपुर और बछवाड़ा में सबसे ज्यादा गरमी : चेरियां बरियारपुर और बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है। बछवाड़ा के भाजपा विधायक और राज्य के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता का गृह क्षेत्र बरौनी विधानसभा क्षेत्र में है, जबकि चेरियां बरियारपुर…
Cheria Bariarpur Seat : बिहार के बेगूसराय जिले की चेरियाबरियारपुर विधानसभा सीट लंबे समय से समाजवादी विचारधारा का गढ़ मानी जाती रही है। चेरियाबरियारपुर, छौड़ाही, खोदाबंदपुर प्रखंड और नावकोठी ब्लॉक के महेश बारा और पहसारा पश्चिम इसके अंतर्गत आते हैं। 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में यहां से सोशलिस्ट पार्टी के रामनारायण चौधरी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के करीबी रामकिशोर सिंह को हराकर इस सीट को समाजवादी गढ़ बना दिया था। कांग्रेस और जातीय राजनीति की शुरुआत 1957 के चुनाव में कांग्रेस ने जातीय समीकरण का इस्तेमाल करते हुए कोयरी जाति के…
Bihar Assembly Elections 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों की सरगर्मियां भी तेज होती जा रही हैं। जहां एक ओर पार्टियां अपने समीकरण सेट करने में जुटी हैं, वहीं टिकट की तलाश में नेताओं की जुगाड़बाज़ी भी चरम पर है। लेकिन इस बार बेगूसराय में एक बिल्कुल नया और चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिल रहा है और वो है- “नामी और युवा डॉक्टरों की राजनीति में एंट्री।” सूत्रों के अनुसार, जिले के लगभग एक दर्जन डॉक्टर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट चुके हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों से टिकट…
Bharat Bandh 2025 : बुधवार को भारत बंद को लेकर जहां एक ओर महागठबंधन और एनडीए के बीच “बंद सफल या असफल” को लेकर बयानबाज़ी जारी रही, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत ने यह साफ कर दिया कि यह बंद, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एक तरह का राजनीतिक रिहर्सल बन चुका है। बंद से ज़्यादा दिखा टिकट का ‘प्रदर्शन’ : भारत बंद के आह्वान पर महागठबंधन से जुड़े दलों राजद, कांग्रेस, माकपा, सीपीआई आदि ने जोरदार भागीदारी दिखाई। लेकिन खास बात यह रही कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह विरोध का नहीं, बल्कि टिकट की दावेदारी…
गढ़पुरा (बेगूसराय) : बेगूसराय जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुके हरसाई बौद्ध स्तूप का अस्तित्व लगातार खतरे में है। गढ़पुरा अंचल के सकड़ा मौजा में स्थित यह पुरातात्विक धरोहर आज भीषण उपेक्षा, अतिक्रमण और कटाई का शिकार हो रही है। 8 जुलाई को जब स्थानीय लोगों ने स्तूप स्थल का मुआयना किया, तो हालात देख दिल दहल गया। 65 फीट ऊंचे और 360 फीट व्यास वाले इस स्तूप के शेष तीन प्रमुख टीले अब भी तेज़ी से काटे जा रहे हैं। मिट्टी की अवैध खुदाई और व्यवसायरूपी दोहन के कारण बेगूसराय की सबसे प्राचीन धरोहर अपने अस्तित्व की…
बेगूसराय (बिहार): काबर टाल क्षेत्र में हरसाई गांव के समीप बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा चेकडैम निर्माण की योजना को लेकर स्थानीय किसानों, मजदूरों और आमजन में तीव्र विरोध देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना के कारण हजारों बीघा उपजाऊ खेती योग्य भूमि जलमग्न हो जाएगी, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था और आजीविका पर भारी असर पड़ेगा। जलजमाव रोकने के बजाय जलजमाव पैदा कर रहा है प्रस्तावित चेकडैम : विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, काबर बगरस नहर के प्रवाह को अवरुद्ध कर हरसाई में चेकडैम बनाना एक अवैज्ञानिक निर्णय है। इससे…
Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी तेज़ हो चुकी है। सीटों की बिसात बिछ चुकी है, गठबंधन की बैठकों का दौर जारी है और हर दल अपनी रणनीति को धार देने में जुटा है। मगर सबसे अहम सवाल यही है — क्या महागठबंधन एनडीए के खिलाफ बढ़त बना पाएगा, या फिर लोकसभा की तर्ज़ पर फिर एक बार भाजपा-जदयू गठबंधन बिहार की सियासत पर हावी रहेगा? लोकसभा 2024 का परिणाम बना आधार 2024 के लोकसभा चुनावों में बिहार की 40 में से 30 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन को महज़…
बेगूसराय, बिहार — जिले के मंझौल अनुमंडल अंतर्गत काबर टाल क्षेत्र में आठ करोड़ से अधिक की लागत से चेकडैम निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय किसानों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह योजना न केवल अवैज्ञानिक है, बल्कि क्षेत्र की दोफसली खेती, रोजगार और जीवन के स्रोत को समाप्त कर देगी। आरोप है कि इस योजना के पीछे अधिकारी क्षेत्र के भूगोल, इतिहास और सामाजिक यथार्थ से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। जलजमाव बचाने के नाम पर खेती डुबोने की साजिश? काबर पक्षी अभयारण्य के अधिसूचना को 39 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज…
