Author: Mahesh Bharti
Bihar Assembly Elections 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों की सरगर्मियां भी तेज होती जा रही हैं। जहां एक ओर पार्टियां अपने समीकरण सेट करने में जुटी हैं, वहीं टिकट की तलाश में नेताओं की जुगाड़बाज़ी भी चरम पर है। लेकिन इस बार बेगूसराय में एक बिल्कुल नया और चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिल रहा है और वो है- “नामी और युवा डॉक्टरों की राजनीति में एंट्री।” सूत्रों के अनुसार, जिले के लगभग एक दर्जन डॉक्टर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट चुके हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों से टिकट…
Bharat Bandh 2025 : बुधवार को भारत बंद को लेकर जहां एक ओर महागठबंधन और एनडीए के बीच “बंद सफल या असफल” को लेकर बयानबाज़ी जारी रही, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत ने यह साफ कर दिया कि यह बंद, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एक तरह का राजनीतिक रिहर्सल बन चुका है। बंद से ज़्यादा दिखा टिकट का ‘प्रदर्शन’ : भारत बंद के आह्वान पर महागठबंधन से जुड़े दलों राजद, कांग्रेस, माकपा, सीपीआई आदि ने जोरदार भागीदारी दिखाई। लेकिन खास बात यह रही कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह विरोध का नहीं, बल्कि टिकट की दावेदारी…
गढ़पुरा (बेगूसराय) : बेगूसराय जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुके हरसाई बौद्ध स्तूप का अस्तित्व लगातार खतरे में है। गढ़पुरा अंचल के सकड़ा मौजा में स्थित यह पुरातात्विक धरोहर आज भीषण उपेक्षा, अतिक्रमण और कटाई का शिकार हो रही है। 8 जुलाई को जब स्थानीय लोगों ने स्तूप स्थल का मुआयना किया, तो हालात देख दिल दहल गया। 65 फीट ऊंचे और 360 फीट व्यास वाले इस स्तूप के शेष तीन प्रमुख टीले अब भी तेज़ी से काटे जा रहे हैं। मिट्टी की अवैध खुदाई और व्यवसायरूपी दोहन के कारण बेगूसराय की सबसे प्राचीन धरोहर अपने अस्तित्व की…
बेगूसराय (बिहार): काबर टाल क्षेत्र में हरसाई गांव के समीप बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा चेकडैम निर्माण की योजना को लेकर स्थानीय किसानों, मजदूरों और आमजन में तीव्र विरोध देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना के कारण हजारों बीघा उपजाऊ खेती योग्य भूमि जलमग्न हो जाएगी, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था और आजीविका पर भारी असर पड़ेगा। जलजमाव रोकने के बजाय जलजमाव पैदा कर रहा है प्रस्तावित चेकडैम : विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, काबर बगरस नहर के प्रवाह को अवरुद्ध कर हरसाई में चेकडैम बनाना एक अवैज्ञानिक निर्णय है। इससे…
Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी तेज़ हो चुकी है। सीटों की बिसात बिछ चुकी है, गठबंधन की बैठकों का दौर जारी है और हर दल अपनी रणनीति को धार देने में जुटा है। मगर सबसे अहम सवाल यही है — क्या महागठबंधन एनडीए के खिलाफ बढ़त बना पाएगा, या फिर लोकसभा की तर्ज़ पर फिर एक बार भाजपा-जदयू गठबंधन बिहार की सियासत पर हावी रहेगा? लोकसभा 2024 का परिणाम बना आधार 2024 के लोकसभा चुनावों में बिहार की 40 में से 30 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन को महज़…
बेगूसराय, बिहार — जिले के मंझौल अनुमंडल अंतर्गत काबर टाल क्षेत्र में आठ करोड़ से अधिक की लागत से चेकडैम निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय किसानों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह योजना न केवल अवैज्ञानिक है, बल्कि क्षेत्र की दोफसली खेती, रोजगार और जीवन के स्रोत को समाप्त कर देगी। आरोप है कि इस योजना के पीछे अधिकारी क्षेत्र के भूगोल, इतिहास और सामाजिक यथार्थ से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। जलजमाव बचाने के नाम पर खेती डुबोने की साजिश? काबर पक्षी अभयारण्य के अधिसूचना को 39 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज…
बिहार में एक बार फिर चुनावी मौसम की दस्तक होते ही ज़ुबानें बेलगाम हो गई हैं। नेता अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार जैसे मुद्दों को छोड़ सीधे एक-दूसरे की जातियों, धर्मों और पुरानी दुश्मनियों पर निशाना साधने में जुट गए हैं। यह परंपरा कोई नई नहीं है — पिछले तीन दशकों से बिहार की राजनीति का ये ही “कुबोल वाला मॉडल” चलता आ रहा है। जाति, धर्म, और ज़हर- बिहार का पुराना चुनावी फॉर्मूला बिहार में चुनाव अब विचारों पर नहीं, वोट बैंक की जातीय गोलबंदी पर लड़ा जाता है। कोई किसी की बेटी भगा ले जाए, तो देखनेवाले पहले…
Special Environment Day : एक समय था जब अपने देश में करोड़ों की संख्या में गिद्ध हुआ करते थे। अपने आसपास के क्षेत्र और परिवेश भी गिद्धों से भरे थे। कोई जानवर मरा नहीं कि गिद्ध की गजब घ्राण शक्ति उसे उस तक पहुंचा देते थे। सैकड़ों के झुंड में गिद्ध उतर जाते थे और मरे जानवरों के मांस को खाकर सिर्फ हड्डियों छोड़ते थे। जिसमें गीदड़ लटके रहते थे। कभी कभी मरे जानवरों के शव के पास गिद्ध, गीदड़ और कौए के बीच उसके मांस खाने को लेकर गजब की प्रतियोगिता देखने के लिए बचपन में उत्सुकता से भर…
पटना/बेगूसराय: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज़ है और इसी बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान इस बार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं, और खास बात यह है कि वह किसी आरक्षित सीट की बजाय सामान्य सीट से चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना रहे हैं। लोजपा की परंपरागत सीट पर नजर लोजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने मजबूत जनाधार वाली परंपरागत विधानसभा सीटों की तलाश कर रही है, जहां से चिराग पासवान चुनाव लड़ सकें।…
Begusarai News : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दल उम्मीदवारों की तलाश और सीटों के बंटवारे को लेकर गहन रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बेगूसराय जिले की सात विधानसभा सीटों को लेकर एनडीए और महागठबंधन दोनों के खेमों में मंथन और गुटबाज़ी शुरू हो गई है। महागठबंधन में सीटों को लेकर घमासान बेगूसराय जिले की सात विधानसभा सीटों में से तीन फिलहाल एनडीए के पास हैं, जबकि चार सीटों पर महागठबंधन का कब्जा है। हालांकि, महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर भारी असमंजस की स्थिति…
