Maharani Kamsundari Devi net worth : बिहार का दरभंगा राज परिवार अपनी समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है। वहीं शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान को भी इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। मिथिला क्षेत्र में फैला यह राज करीब 8,380 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में स्थापित था। इसका मुख्यालय दरभंगा रहा। 16वीं शताब्दी में मिथिला ब्राह्मण जमींदारों द्वारा स्थापित यह राज परिवार समय के साथ सामाजिक चेतना का केंद्र बना।
सादगी और सेवा की मिसाल
महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी का जन्म 22 अक्टूबर 1932 को मधुबनी जिले के मंगरौनी गांव में पंडित हंसमणि झा के घर हुआ था। 5 मई 1943 को उनका विवाह महाराजा कामेश्वर सिंह से हुआ। वे उनकी तीसरी पत्नी थीं। महारानी का संपूर्ण जीवन त्याग, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को समर्पित रहा। महारानी वैभव और ऐश्वर्य के बीच रहते हुए भी उन्होंने स्वयं को आम जनजीवन से जोड़े रखा।
सामाजिक कार्यों में अहम भूमिका
महारानी कामसुंदरी देवी सामाजिक और परोपकारी कार्यों के लिए विशेष रूप से जानी जाती थीं। उन्होंने अपने पति की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में अनेक कार्य किए गए। इससे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सीधा लाभ मिला।
देश और समाज के लिए अमूल्य योगदान
दरभंगा राज परिवार ने देश की सेवा में भी अहम भूमिका निभाई। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान राष्ट्र रक्षा के लिए भारी मात्रा में स्वर्ण दान किया गया। इसके अलावा निजी हवाई अड्डा, भूमि और संपत्तियाँ भी सरकार को सौंपी गईं। रेलवे, शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में भी इस राज परिवार का योगदान उल्लेखनीय रहा।
विरासत जो आज भी जीवित
महारानी कामसुंदरी देवी का व्यक्तित्व सादगी, करुणा और गरिमा की जीवंत प्रतिमूर्ति था। उनका योगदान आज भी सामाजिक संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से जीवित है, जो दरभंगा राज परिवार की महान विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

