Begusarai News : बेगूसराय में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से बुधवार को औद्योगिक विकास केंद्र के सभागार में उद्योग संवाद का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले की औद्योगिक इकाइयों से जुड़े निवेशकों ने भाग लिया। इस दौरान निवेशकों ने उद्योगों के संचालन, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
बैठक में डीएम ने निवेशकों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिन मामलों का निष्पादन विभागीय स्तर पर किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।
डीएम ने अधिकारियों को विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि उद्योगों के संचालन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न हों। उन्होंने कहा कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेशकों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन गंभीरता से काम करेगा। साथ ही, औद्योगिक विकास को सुगम बनाने के लिए प्रशासन और निवेशकों के बीच नियमित संवाद एवं बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्योग संवाद में महाप्रबंधक, उपमहाप्रबंधक सहित विद्युत, जल संसाधन, सड़क निर्माण और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के निवेशकों ने भी अपने विचार रखे और उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स का किया निरीक्षण
उद्योग संवाद के बाद डीएम रिची पांडेय ने प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इकाई की गतिविधियों का जायजा लिया और इसके संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली को समझना और जिले में निवेश एवं औद्योगिक विकास की संभावनाओं का आकलन करना था।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस संवाद और निरीक्षण को जिले में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, निवेशकों के साथ समन्वय मजबूत करने तथा उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

