Begusarai new: नावकोठी (बेगूसराय) प्रखंड क्षेत्र में भीषण उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति और बार-बार होने वाली कटौती से उपभोक्ता बुरी तरह परेशान हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों में आंदोलन की आहट तक सुनाई देने लगी है। बिजली पर निर्भर दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोड शेडिंग के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नावकोठी बिजली विभाग के कनीय अभियंता विमल कुमार साहा के अनुसार मंझौल ग्रिड से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है, जबकि एसडीओ राजीव रंजन का कहना है कि एनटीपीसी में तकनीकी गड़बड़ी के चलते बिजली उत्पादन कम हो रहा है, जिससे लोड शेडिंग बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंझौल पावर ग्रिड द्वारा नावकोठी सब स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है, जबकि यहां की खपत 4 से 5 मेगावाट है, फिर भी कई बार सप्लाई पूरी तरह शून्य कर दी जाती है।
पिछले लगभग 15 दिनों से स्थिति और खराब हो गई है, जहां कभी दो से चार घंटे तो कभी पूरी रात बिजली गायब रहती है। शाम के समय कटौती के कारण खासकर महिलाओं को खाना बनाने और छात्रों को पढ़ाई करने में भारी परेशानी हो रही है। छात्र होमवर्क न कर पाने का कारण भी बिजली कटौती को ही बता रहे हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी नए रिकॉर्ड बना रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली की अनुपलब्धता लोगों के लिए असहनीय हो गई है। सरकार के बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के दावे भी इस स्थिति में खोखले नजर आ रहे हैं। लगातार बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लोग रात भर जागने को मजबूर हैं।
बिजली की कमी और अनियमित सप्लाई को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा स्थानीय कर्मचारियों पर निकल रहा है। बिजली ऑपरेटरों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान उन्हें गाली-गलौज तक झेलनी पड़ती है, जबकि उच्च अधिकारी स्थिति सुधारने को लेकर गंभीर नहीं दिखते। सिर्फ स्मार्ट मीटर लगाने से व्यवस्था सुधरने की उम्मीद भी कम ही नजर आ रही है। वहीं, अधिकारियों द्वारा फोन तक न उठाना लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है। ऐसे में जब न तो किरासन तेल उपलब्ध है और न ही बिजली, तो आम उपभोक्ता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वे करें तो क्या करें।


