Bihar bullet train corridor: बिहार में अब बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर योजनाएं हकीकत में अब जमीन पर उतरती दिखाई देने लगी है. हाल ही में इस परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. वाराणसी-सिलिगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का रुट लगभग तय माना जा रहा है. जैसे ही यह अपडेट आया है जमीन मालिकों की उत्सुकता बढ़ गई है. ऐसा माना जा रहा है कि अगर आपकी जमीन इस रास्ते में आती है तो आपकी किस्मत रातों रात बदल सकती है. ऐसे जगहों पर बहुत कम समय में जमीन की कीमतों में कई गुणा की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
Bihar bullet train corridor: कहां से गुजरेगी गाड़ी?
इस परियोजना के तहत इस हाई- स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 744 किलोमीटर होगी. इसका सबसे बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा. मिली जानकारी के अनुसार करीब 650 किलोमीटर ट्रैक बिहार से होकर गुजरेगा. यह ट्रैक करीब 14 जिलो को छूकर गुजरेगा. जानकारी के अनुसार इसके रास्ते बेगूसराय, मोकामा, आरा, बक्सर, मोकामा, हाथीदह, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजर सकते हैं.
इस परियोजना की खासियत ये है कि यह एलिवेटेड होगा यानि जमीन से ऊपर बनाया जाएगा. बाकि प्रोजेक्ट की तुलना में इसमें कम जमीन लगेगी. जानकारों के अनुसार इस परियोजना में लगभग 1900 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता पड़ सकती है. सूत्रों के अनुसार जुलाई-अगस्त 2026 से सर्वे का काम शुरु होने की उम्मीद है और इसे पूरा करने का लक्ष्य भी इसी वित्तीय वर्ष में रखा गया है.
Bihar bullet train corridor:लोगों की है नजर
इस परियोजना में हलचल शुरु होते ही बेगूसराय, पटना और कटिहार के लोगों की नजरें भी चौकन्नी हो गई है. जिन लोगों की जमीन रेलवे ट्रैक के आसपास है उन्हें काफी उम्मीद है. जिन इलाकों से यह ट्रैक बनेगा वहां जमीन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. ऐसे में जमीन मालिक और किसानों को मोटी रकम का मुआवजा मिल सकता है.
इस परियोजना से वाराणसी से सिलिगुड़ी का सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा. इसकी रफ्तार 300 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों के अनुसार यह हाई स्पीड कॉरिडोर बिहार में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.
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