Author: Mahesh Bharti
Increasing pollution in Begusarai : औद्योगिक विकास की रफ्तार पकड़ता बेगूसराय आज वायु प्रदूषण की मार से बुरी तरह कराह रहा है। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हवा में घुलता जहर लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। लेकिन विडंबना यह है कि जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, अथवा कारखानों का प्रबंधन किसी के पास इस बढ़ते खतरे के समाधान की ठोस योजना दिखाई नहीं देती। पिछले कई वर्षों से मीडिया और सामाजिक मंचों पर उठती आवाजें मानो नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित हो रही हैं। मुद्दा जितना गंभीर होता जा रहा है, जिम्मेदार तंत्र की…
Begusarai News : काबर टाल क्षेत्र की जमीन को लेकर स्थानीय किसानों की परेशानियाँ आज भी कम नहीं हुई हैं। चार दशक से अधिक समय से विवाद और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण अब एक बार फिर आंदोलन के मूड में हैं। किसानों का कहना है कि अपनी ही जमीन पर खेती, बिक्री और उपयोग को लेकर वे वर्षों से सरकारी उदासीनता के शिकार हैं। काबर टाल को 1984–86 और 1989 के बीच जिला व राज्य गजट में पक्षी अभयारण्य घोषित किए जाने के बाद से ही इस क्षेत्र के लोगों पर संकट और गहराता गया। ग्रामीणों का…
Desk : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने कारणों की तलाश शुरू कर दी है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में हार चुके उम्मीदवारों से मुलाक़ात कर विस्तृत फीडबैक लेना आरंभ कर दिया है। प्रारम्भिक संकेतों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व महागठबंधन के भीतर सहयोगी दलों के रवैये और कई सीटों पर हुए ‘दोस्ताना संघर्ष’ को हार का अहम कारण मान रहा है। सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन के घटक दलों के समर्थकों ने कई क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देने के बजाय सहयोगी दलों के उम्मीदवारों की तरफ झुकाव दिखाया। इस…
Begusarai Harsai Stupa : बेगूसराय की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल गढ़पुरा अंचल के सकड़ा मौजा स्थित हरसाई स्तूप का धीरे-धीरे होता क्षरण अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है। छह वर्ष पूर्व विकास कार्य के लिए कराई गई जमीन की मापी का प्रतिवेदन आज भी सरकारी अलमारियों में धूल फांक रहा है, और संरक्षण की पहल अब तक ठंडे बस्ते में है। हरसाई स्तूप, जो प्रसिद्ध शक्तिपीठ जयमंगलागढ़ और रामसर साइट काबर झील पक्षी विहार के उत्तर-पूर्व कोने में स्थित है, अपनी ऐतिहासिक महत्ता के बावजूद उपेक्षा का दंश झेल रहा है। स्थानीय लोग इसकी विशाल और भयावह आकृति…
Kabar-Bagras Canal : बेगूसराय जिले के मंझौल और बखरी विधानसभा क्षेत्र में अवस्थित काबर टाल से जलनिकासी की जीवनरेखा माने जाने वाली काबर–बगरस नहर आज बदहाली की कगार पर है। कभी किसानों की किस्मत संवारने वाली यह नहर अब जलकुंभी, अतिक्रमण और अवैध घेराबंदी से जाम होकर बेकार साबित हो रही है। नतीजा करीब एक लाख से अधिक की आबादी जलजमाव की त्रासदी झेलने को मजबूर है। ऐतिहासिक नहर अब उपेक्षा की शिकार आजादी के बाद बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह और तत्कालीन सिंचाई मंत्री रामचरित्र सिंह ने इंजीनियरों की सिफारिश पर प्रथम पंचवर्षीय योजना में इस नहर…
समाज सेवा की मिसाल : महादलित बच्चियों को रोजगार सीखने के लिए दंपति ने स्कूल को डोनेट किया सिलाई मशीन
Begusarai News : समाज सेवा का जुनून लिए पटना के आक्सीजन मैन के रूप में चर्चित गौरव राय और उनकी पत्नी अरूणा भारद्वाज ने अपने शादी की सालगिरह पर जिले के मंझौल पंचायत तीन स्थित जयमंगलागढ के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जयमंगलागढ की महादलित छात्राओं के स्तरोन्नत करने और रोजगारपरक बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराया। इस विद्यालय में शत-प्रतिशत महादलित खासकर मुसहर समाज के बच्चे पढ़ते हैं जिनके जीवनस्तर निम्न हैं। श्री राय ने पिछले दिनों इस विद्यालय का दौरा किया था और वहां महादलित बच्चों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त किया था। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुष्पक कुमार से…
Bakhri Assembly Seat : बेगूसराय जिले के बखरी विधानसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। आज़ादी के बाद प्रथम आम चुनाव में इस सीट के गठन के 78 वर्ष बाद पहली बार इस क्षेत्र से कोई विधायक राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुआ है। लोजपा (राम विलास) के नव-निर्वाचित विधायक संजय कुमार पासवान ने मंत्री बनकर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले बखरी विधानसभा से जितने भी विधायक जीते, वे कभी मंत्री नहीं बन पाए थे। इसके उलट, बेगूसराय जिले के अन्य क्षेत्रों चेरिया बरियारपुर, साहेबपुरकमाल, बेगूसराय, तेघड़ा और बछवाड़ा से अब तक दो-दो और तीन-तीन विधायक…
Desk : कभी बिहार का ‘लेनिनग्राड’ और ‘मास्को’ कहे जाने वाले बेगूसराय में इस बार वामदलों का लाल झंडा पूरी तरह अनफ़िट साबित हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में जिले से एक भी वामपंथी विधायक नहीं जीत सका। 7 विधानसभा क्षेत्रों वाले बेगूसराय में 5 सीटें एनडीए और 2 सीटें राजद के खाते में गईं। इनमें 3 पर भाजपा, जबकि एक-एक सीट जदयू और लोजपा ने जीती। लगभग 60 वर्षों से जिले की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने वाले वामपंथियों को जनता ने लगातार दूसरी बार नकार दिया। इससे पहले 2015 में भी जिले से एक भी वामपंथी विधायक नहीं चुना…
“हमें अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था,किश्ती वहीं डूबी, जहां पानी कम था…” यह मशहूर कहावत इस बार चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र में राजद की हार पर पूरी तरह चरितार्थ होती दिखी बेगूसराय जिले की यह सीट, जो पिछले चुनाव में राजद की सेफ सीट मानी जाती थी, इस बार भीतरघात और टिकट वितरण विवाद की भेंट चढ़ गई। राजद का गढ़ टूटा, जदयू ने छीनी सीट 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार राजवंशी महतो ने जदयू की कुमारी मंजू वर्मा को करीब 40 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। लेकिन 2025 के इस चुनाव…
बेगूसराय चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अभिषेक आनंद की जीत के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं, वहीं विपक्षी राजद के खेमे में निराशा छाई हुई है। यह सीट अब तक राजद के कब्जे में थी, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का फैसला सुनाया है। राजद में मायूसी, सत्तारूढ़ दल में उत्साह इस बार राजद ने अपने सीटिंग विधायक राजवंशी महतो को टिकट नहीं दिया था और उनकी जगह सुशील कुमार कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन, जनता ने उन्हें नकारते हुए जदयू उम्मीदवार अभिषेक आनंद…
