Patna News : राजधानी पटना में गंगा नदी के किनारे को नए सिरे से विकसित करने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। दीघा से दीदारगंज तक करीब आठ किलोमीटर लंबे क्षेत्र में आधुनिक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। पटना नगर निगम इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। इससे स्थायी समिति की आगामी बैठक में रखा जाएगा।
गंगा किनारे मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
इस रिवर फ्रंट परियोजना के तहत गंगा तट पर पैदल पथ, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, आकर्षक लाइटिंग और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे गंगा किनारा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बन सके।
आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में होगा विकास
नगर निगम के अनुसार रिवर फ्रंट बनने के बाद गंगा तट केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। यह शहरवासियों के लिए एक आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। जिस तरह कलेक्ट्रेट घाट से दीघा घाट तक का इलाका आज पटना की पहचान बन चुका है, उसी तरह पटना सिटी की ओर नौजर कटरा से दीदारगंज तक का क्षेत्र भी नए आकर्षण के रूप में उभरेगा।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रिवर फ्रंट परियोजना से पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सुबह-शाम टहलने, परिवार के साथ समय बिताने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए यह इलाका लोगों की पसंद बनेगा। इसके चलते खानपान से जुड़े स्टॉल, छोटे व्यवसाय और पर्यटन सेवाओं में भी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
ऐतिहासिक घाटों को जोड़ेगा रिवर फ्रंट
नौजर कटरा से दीदारगंज तक का इलाका ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां खाजेकलां घाट, मिरचाई घाट, कंगन घाट, टेरी घाट, किला घाट, पीरदमड़िया घाट और दीदारगंज जैसे प्रसिद्ध घाट स्थित हैं। रिवर फ्रंट के जरिए इन सभी घाटों को एक साथ जोड़कर विकसित किया जाएगा।
डीपीआर के बाद सरकार से मांगी जाएगी मंजूरी
नगर निगम द्वारा तैयार की जा रही डीपीआर को राज्य और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद पटना को गंगा किनारे एक नई, भव्य पहचान मिलने की उम्मीद है।

