Begusarai News : जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। सितंबर 2026 में जिले में मादक पदार्थों से जुड़े 21 मामले दर्ज किए गए, जबकि 26 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस दौरान 7 किलो 375 ग्राम गांजा, 1 किलो 28 ग्राम स्मैक, 61.5 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप समेत कई अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए।
गुरुवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, अवैध कारोबार की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि कार्रवाई के दौरान 61 मिलीलीटर पेंटाजोलिक इंजेक्शन और 20 मिलीग्राम की 252 निटाजीन टैबलेट भी बरामद की गईं। उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्देश दिया।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
उप विकास आयुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस दौरान मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान और एनडीपीएस एक्ट के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए। साथ ही, भारत सरकार की नशा मुक्त भारत हेल्पलाइन नंबर 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया।
अवैध खेती वाले क्षेत्रों पर रहेगी नजर
बैठक में अफीम और गांजा की अवैध खेती की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान कर नियमित निगरानी करने तथा अवैध खेती को नष्ट करने की कार्रवाई का अनुश्रवण करने को कहा गया। ऐसे क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक फसलों और आजीविका योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि उन्हें अवैध गतिविधियों से दूर रखा जा सके।
तस्करों का बनेगा डेटाबेस, लंबित मामलों में तेजी
उप विकास आयुक्त ने बड़े और अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के मामलों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। एनडीपीएस के लंबित मामलों में समयबद्ध अनुसंधान और गवाही सुनिश्चित कर त्वरित सुनवाई की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया। चिन्हित ड्रग पैडलर्स और तस्करों का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने पर भी बल दिया गया।
मादक पदार्थों की त्वरित और वैज्ञानिक पहचान के लिए टेस्टिंग किट एवं आधुनिक जांच उपकरणों की उपलब्धता का आकलन कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं, बेगूसराय के अनुमंडल पदाधिकारी को रेलवे स्टेशन के आसपास नियमित जांच अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय/नगर) सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। अधिकारियों को नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

