Train में आपकी सीट से कोई यात्री चादर-तौलिया ले जाए तो आप क्या करेंगे? नियम जानें –

भारत में सालाना लगभग 800 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। वही एक दिन में भारतीय रेलवे में करीब 1.85 करोड़ यात्री सफर करते हैं। इनमें से 1.77 करोड़ लोग नॉन एसी यानी स्लीपर और जनरल क्लास से सफर करते हैं। एसी में सफर करने वालों की संख्या 8.57 लाख है। जिनके लिए प्रतिदिन प्रीमियम और एक्सप्रेस मिलकर 2122 ट्रेन चलती है।

यदि आप भी ट्रेन में सफर करते हैं तो आपने कभी सोचा है की आप ट्रेन से उतरने के बाद अपना तोलिया, कंबल या चादर को जिस सीट पर छोड़कर चले जाते हैं यदि आपके उतरने के बाद दूसरा यात्री उस चादर, तोलिया को उठा ले तो क्या आप पर कार्रवाई हो सकती है। इस मुद्दे पर रेलवे के नियम क्या कहते हैं आईए जानते हैं।

दरअसल ट्रेन में आपको जो तोलिया, कंबल या चादर उपलब्ध कराया जाता है। वह कोच अटेंडेड यात्रियों के उतरने के बाद उन्हें इकट्ठा करता है। यदि किसी अन्य यात्री द्वारा चादर, कंबल चुरा लिए जाते हैं तो रेलवे उस व्यक्ति पर कार्यवाही कर सकता है।

यह है रेलवे का नियम

रेलवे के नियम अनुसार यदि किसी व्यक्ति को चदर या कंबल ले जाते हुए पकड़ लिया जाता है। तो उसे पर रेलवे जीआरपी द्वारा कार्यवाही की जाती है। जब किसी व्यक्ति को कंबल या चादर नहीं मिलता है तो वह अटेंडेट से मांगता है और इसी तरह यदि किसी बर्थ से कंबल या चादर गायब हो जाती है तो यह उस यात्री की जिम्मेदारी होती है। जिसने कंबल या चादर मांगा था। हालांकि ट्रेन में यह पता नहीं चल पाता है कि कौन कंबल या चादर ले गया। परंतु यह यात्री की जिम्मेदारी है कि वह अटेंडेंट को कंबल, चादर या तोलिया सौंप कर जाए।

वर्तमान में कुल 23588 एसी कोच

वर्तमान समय में प्रीमियम ट्रेनों के अलावा एक्सप्रेस, पैसेंजर और मेल में कुल कोचों की संख्या 68534 है। इनमें जनरल और नॉन एसी स्लीपर कोच 44946 है तथा एसी कोच की संख्या 23588 है। आपको बता दें कि इन आंकड़ों में लोकल ट्रेनों के कोचों की संख्या शामिल नहीं की गई है।