1 Crore Jobs in Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बहुप्रतीक्षित समृद्धि यात्रा की शुरुआत शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से हुई। मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय कुमारबाग पहुंचे। यहां उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा कर जीविका दीदियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
महिला रोजगार योजना में बढ़ेगी सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। अब इस योजना के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं की सहायता राशि बढ़ाई जाएगी। यह राशि जल्द ही लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही भवन। एनडीए सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर स्कूल भवनों का निर्माण हुआ और शिक्षकों की बहाली की गई। इसकी प्रक्रिया आज भी जारी है।
केंद्र के सहयोग से विकास को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग को बिहार के विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिला है। बजट में बिहार को प्राथमिकता दी जा रही है, गरीबों को आवास, मुफ्त अनाज और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाएं लगातार चल रही हैं।
एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य
नीतीश कुमार ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में बिहार में एक करोड़ नौकरी और रोजगार का सृजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस लक्ष्य को लेकर गंभीर है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
उद्योगों को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू किया जा रहा है। चनपटिया चीनी मिल जल्द चालू होगी। इससे किसानों को बाजार और युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही हर जिले में उद्योग स्थापित करने की दिशा में पहल जारी है।
सियासत और विकास का खुला मंच
दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जनता को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले की सरकारें जनता की भलाई में विफल रहीं। समृद्धि यात्रा के पहले दिन ही मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि यह अभियान विकसित और आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

