Begusarai News : बेगूसराय से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल पर नवजात बच्चा चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है। दरअसल, वीरपुर थाना क्षेत्र लक्ष्मीपुर चौक स्थित ‘आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन’ में प्रसव के बाद एक महिला ने दावा किया है कि उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसे केवल एक ही बच्चा सौंपा। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ने उलझाया मामला
पीड़िता ममता कुमारी (पति- रोशन कुमार, मुजफ्फरपुर) ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उसने अपने मायके भवानंदपुर नवटोलिया से वीरपुर के ‘शिवानी अल्ट्रासाउंड’ में जांच कराई थी। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर जुड़वां बच्चों (ट्विन्स) की पुष्टि की गई थी और दोनों बच्चों को स्वस्थ बताया गया था। 19 नवंबर 2025 को प्रसव पीड़ा होने पर वह पहले सरकारी अस्पताल गई, जहां नर्सों ने जटिलता का हवाला देते हुए निजी अस्पताल जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे लक्ष्मीपुर चौक स्थित आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन ले गए।
दो बच्चों के रोने की आवाज सुनी, फिर हो गई बेहोश
पीड़िता का आरोप है कि प्रसव के दौरान उसने दो बच्चों के रोने की आवाज सुनी थी, लेकिन उसके तुरंत बाद उसे बेहोश कर दिया गया। ममता ने बताया-
“होश आने पर नर्स निशा कुमारी ने मेरी मां को केवल एक बच्ची सौंपी। जब मां ने दूसरे बच्चे के बारे में पूछा, तो वहां मौजूद कर्मियों ने मारपीट और गाली-गलौज की। उन्होंने कहा कि सूजन की वजह से पेट बड़ा दिख रहा था, सिर्फ एक ही बच्चा हुआ है। हम डर के मारे चुपचाप घर लौट आए।”
फरवरी माह में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा फैली कि उक्त अस्पताल से बच्चों की खरीद-बिक्री का खेल चल रहा है। जब परिजनों ने दोबारा क्लिनिक जाकर पूछताछ की, तो आरोपी नर्स वहां से फरार हो गई। आशंका जताई जा रही है कि डॉ. ज्ञान रंजन के नाम का बोर्ड लगाकर वहां अवैध रूप से प्रसव और मानव तस्करी का गिरोह सक्रिय है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधक राजकुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है। प्रबंधक का कहना है कि
- महिला प्रसव के समय कोई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट साथ नहीं लाई थी।
- वर्तमान में दिखाई जा रही रिपोर्ट अलग-अलग केंद्रों की है, जो संदेह पैदा करती है।
- प्रसव के 3 महीने बाद इस तरह का आरोप लगाना किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
- डिलीवरी के समय मौजूद परिजनों को बच्चा दिखा दिया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरपुर थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि ममता कुमारी की शिकायत पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। केस की जांच SI ऋषिकेश भारद्वाज को सौंपी गई है। पुलिस अब अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट और अस्पताल के रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।


