Begusarai News : बेगूसराय में चयनित 419 होमगार्ड अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले 8-9 महीनों से वे ट्रेनिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। थक-हारकर अभ्यर्थियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में बिहार होमगार्ड के लिए आवेदन किया था। जून-जुलाई में शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई, अगस्त में मेरिट लिस्ट जारी की गई और सितंबर में दस्तावेज़ सत्यापन भी पूरा कर लिया गया। वेरिफिकेशन के दौरान यह भरोसा दिलाया गया था कि 10 दिनों के भीतर ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। इसी भरोसे पर अभ्यर्थियों ने वर्दी सिलवाई, जूते-मोजे खरीदे और ट्रेनिंग किट के साथ बैग भी पैक कर लिया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी ट्रेनिंग की कोई सूचना नहीं मिली।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब भी वे कमांडेंट या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें 10 या 15 दिन का नया समय दे दिया जाता है। कई बार आवेदन दिए गए, जिलाधिकारी से लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तक गुहार लगाई गई, लेकिन किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः भूख हड़ताल ही अंतिम विकल्प बचा।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच बहाली प्रक्रिया पूर्ण होने की बात कही गई थी, परंतु तय समय बीत जाने के बाद भी विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ।
भूख हड़ताल में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि वे बीते तीन दिनों से होमगार्ड कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। लेकिन किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली। इसके बाद मजबूर होकर आज से समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की गई। हड़ताल में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बिहार के अन्य जिलों में इसी विज्ञापन के तहत बहाली प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि बेगूसराय में फाइलें धूल फांक रही हैं। प्रशासन उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र और अविलंब ट्रेनिंग शेड्यूल जारी नहीं किया जाता, वे यहां से नहीं उठेंगे।


