Begusarai News : बेगूसराय में अपनी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे होमगार्ड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब कानूनी लड़ाई और पुलिसिया कार्रवाई के चक्कर में फंस गया है। नगर थाना क्षेत्र के हड़ताली चौक पर भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों सहित करीब 175 अज्ञात अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। वहीं, अभ्यर्थियों ने प्रशासन पर बर्बरता और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
लाठीचार्ज बनाम पथराव
मंगलवार (3 मार्च 2026) की रात करीब 10 बजे DM श्रीकांत शास्त्री और पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे थे। प्रशासन के अनुसार, अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके न मानने पर उन्हें हिरासत में लेकर 2 बसों में बिठाकर HURL मैदान ले जाया गया।
पुलिस का पक्ष : पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए जाने के बाद अभ्यर्थियों ने ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया, जिससे एक पुलिस पदाधिकारी के सिर में गंभीर चोट आई और कई अन्य जवान घायल हो गए। इसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
अभ्यर्थियों का पक्ष : दूसरी ओर, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस उन्हें HURL मैदान के सन्नाटे में ले गई और लाइटें बंद कर पीटा गया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि महिला पुलिस को किनारे कर अधिकारियों ने स्वयं लड़कियों का कॉलर पकड़ा और गंदी गालियां दीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण अनशन पर थे, लेकिन उन पर जानलेवा हमला किया गया।
BNS की कई गंभीर धाराओं में मामला
सदर अंचलाधिकारी राहुल कुमार के आवेदन पर नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है। इसमें प्रिंस कुमार, श्रवण कुमार सहित 150-175 अज्ञात अभ्यर्थियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने अंकित कुमार (सिंघौल) और अवनीश कुमार उर्फ प्रभाकर सिंह (एघू) को गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 132 (सरकारी काम में बाधा), 109 (जानलेवा हमला) सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
15 मार्च से नए सिरे से होगी परीक्षा
इस पूरे विवाद के बीच बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय, पटना ने एक बड़ा फैसला लिया है। ज्ञापांक-1390 के अनुसार, बेगूसराय में विज्ञापन संख्या-01/2025 के तहत अब 15 मार्च 2026 से नए सिरे से शारीरिक दक्षता परीक्षा और चिकित्सकीय जाँच आयोजित की जाएगी। इसके लिए एक नई जिला चयन समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है।
पूर्व जिला कमांडेंट सस्पेंड
इस पूरे मामले की जड़ में चयन प्रक्रिया में हुई अनियमितता है। विभाग ने करीब 15 दिन पहले बेगूसराय के तत्कालीन जिला समादेष्टा अखिलेश कुमार ठाकुर को निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जिला चयन समिति के हस्ताक्षर या अनुमोदन के बिना ही औपबंधिक मेधा सूची प्रकाशित कर दी थी। जांच में पाया गया कि 45 अभ्यर्थियों के अंक, चिकित्सा जांच और जन्मतिथि जैसे महत्वपूर्ण मानकों में गंभीर त्रुटियां थीं, जिससे पूरी सूची संदेह के घेरे में आ गई।
गौरतलब है कि 419 होमगार्ड अभ्यर्थी महीनों पहले अपनी शारीरिक और चिकित्सकीय जांच पूरी कर चुके थे। नियुक्ति पत्र न मिलने के कारण वे रविवार से भूख हड़ताल पर थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब वर्दी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो चुका है, तो फिर से परीक्षा लेने का फैसला उनके साथ अन्याय है।


