Begusarai News : बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघवारा निवासी मोहन शाह के 28 वर्षीय पुत्र रूपेश कुमार (तकनीशियन) की पटना के PMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने राइस मिल मालिक और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई रघु गुप्ता और पत्नी गीतांजलि देवी का कहना है कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की अनदेखी है।
रहस्यमयी ढंग से घर से निकलना और हादसा
घटना की शुरुआत 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) को हुई, जब रूपेश बिना किसी को बताए गांव के कुछ दोस्तों के साथ घर से निकले थे। तीन दिनों तक उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन 18 फरवरी को वे जमुई के गिद्धौर स्थित वैष्णव राइस मिल पहुँचे। 21 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे, मशीन की मरम्मत के दौरान अचानक गर्म धान रूपेश के ऊपर गिर गया, जिससे वे 40% तक झुलस गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पटना (PMCH) रेफर कर दिया गया।
परिजनों के गंभीर आरोप- दवा देना बंद कर दिया था
परिजनों ने PMCH और मिल प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पत्नी गीतांजलि देवी ने बताया कि वे रूपेश को बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराना चाहती थीं, लेकिन मिल प्रबंधन ने दबाव बनाकर उन्हें PMCH भेज दिया। परिजनों का दावा है कि 21 से 23 फरवरी की सुबह तक इलाज ठीक चला, लेकिन 23 फरवरी शाम से दवा देना बंद कर दिया गया। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सही इलाज नहीं मिला, जिसके कारण 26 फरवरी को रूपेश ने दम तोड़ दिया।
जांच के घेरे में वे तीन दिन
रघु गुप्ता ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि 15 तारीख को घर से निकलने के बाद रूपेश 18 तारीख तक कहां थे? वे ठेकेदार धीरज और नीतीश (समस्तीपुर) के अधीन काम करते थे। परिजनों की मांग है कि मिल परिसर के CCTV फुटेज की जांच हो ताकि हादसे की सच्चाई सामने आए और दोषी ठेकेदारों और मिल मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस का आश्वासन और ग्रामीणों का आक्रोश
27 फरवरी को बाघवारा में ग्रामीणों और परिजनों ने विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। मौके पर पहुंची सिंघौल थाना की पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
“मेरे भाई की मौत इलाज के अभाव में हुई है। मिल मालिक अब फोन तक नहीं उठा रहे। हमें सिर्फ न्याय और सच्चाई चाहिए और जल्द से जल्द उचित मुआवजा मिले। – रघु गुप्ता, मृतक का भाई
मिल मालिक पर बहाना बनाने का आरोप
परिजनों ने 15 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि रूपेश की मौत के बाद मिल मालिक मुआवजे की जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं। मिल मालिक अब उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। जब कभी संपर्क होता है, तो केवल झूठे आश्वासन और बहाने दिए जाते हैं। परिजनों के अनुसार, मिल मालिक मुआवजा देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
तीन मासूमों के भविष्य पर मंडराया संकट
मृतक रूपेश कुमार अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य चले जाने से पत्नी गीतांजलि देवी और बच्चों के सामने अब रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का सवाल है कि- “अब इन अनाथ बच्चों के भविष्य की चिंता कौन करेगा? इनके पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?”


