Begusarai News : बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साल 2015 में जिले के नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र में एक सैप (SAP) जवान की नृशंस हत्या के मामले में फरार चल रहे कुख्यात इनामी नक्सली गोरेलाल सदा उर्फ गोरख सदा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह पिछले 11 वर्षों से कानून की नजरों से बचकर ठिकाने बदल रहा था।
क्या था पूरा मामला?
घटना साल 2015 की है, जब नीमा चांदपुरा पुलिस को कुसमहौत गांव में नक्सलियों के जुटने और किसी बड़ी वारदात की साजिश रचने की सूचना मिली थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में जब पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची, तो नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में पुलिस पर ईंट-पत्थर और गोलियां चलाई गईं, जिसमें थानाध्यक्ष घायल हो गए थे।
इसी दौरान, नक्सली बौनू सदा और उसके बेटे गोरख सदा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सैप जवान सुरेंद्र यशवंत को पकड़ लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी थी।
पिता काट रहा उम्रकैद, बेटा था फरार
इस मामले में मुख्य आरोपी और गोरख के पिता बौनू सदा को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, गोरख सदा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह लंबे समय तक पटना में छिपा रहा, लेकिन हाल ही में एसटीएफ को उसके अपने पैतृक गांव कुसमहौत आने की सटीक सूचना मिली।
STF का जाल और गिरफ्तारी
सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि नीमा चांदपुरा थाना कांड संख्या- 71/15 के तहत फरार चल रहे इस नक्सली की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने जाल बिछाया था। गुप्त सूचना के आधार पर गांव में की गई छापेमारी के दौरान उसे दबोच लिया गया।
“11 साल से फरार चल रहे गोरख सदा पर 10 हजार का इनाम था। उसे गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।” – आनंद कुमार पांडेय, डीएसपी


