Begusarai News : बेगूसराय से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक व्यक्ति को परिवार और गांववालों ने वर्षों पहले मृत मान लिया था और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। लेकिन अब 25 साल बाद वह अचानक अपने घर लौट आया। उसके लौटते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंसूरचक थाना क्षेत्र के समसा-1 पंचायत निवासी रामा गुप्ता उर्फ रामदेव करीब ढाई दशक पहले अपने कुछ साथियों के साथ उत्तर प्रदेश सुई बेचने के लिए गया था। वह कपड़ा सिलने वाली सुई गांव-गांव जाकर बेचता था। लेकिन एक दिन अचानक वह लापता हो गया। उसके साथ गए दोस्तों ने गांव लौटकर बताया कि रामा तो हमसे पहले ही घर के लिए निकल गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह लौट आएगा, लेकिन जब काफी समय बीत गया और उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो घरवालों ने खोजबीन बंद कर दी। धीरे-धीरे गांव वालों और परिजनों ने मान लिया कि रामा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और विधवा का जीवन
करीब 12 साल बाद, परिवार ने हिंदू परंपरा के अनुसार रामा गुप्ता का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। लकड़ी की कठपुतली बनाकर चिता पर उसका दाह-संस्कार किया गया। उसकी पत्नी ने मांग का सिंदूर धो दिया और विधवा जीवन जीने लगी। रामा की कथित विधवा ने अपने चार बच्चों — तीन बेटियों और एक बेटे — की शादी भी कर दी। जीवन जैसे-तैसे पटरी पर लौट आया, लेकिन उसके लौटने की उम्मीदें सभी ने छोड़ दी थीं।
25 साल बाद जब लौटा ‘मरा हुआ बेटा’
अब पूरे 25 साल बाद, रामा गुप्ता अचानक अपने गांव लौट आया। दरवाजे पर जैसे ही वह पहुंचा, परिवार के लोगों की आंखें भर आईं। पहले तो किसी को यकीन नहीं हुआ कि यह वही रामा है, जिसे मृत मानकर घरवालों ने अंतिम संस्कार तक कर दिया था। रामा की पत्नी, जो अब उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं, उसे देख सन्न रह गईं। पूरा गांव उसे देखने उमड़ पड़ा। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि 25 साल तक आखिर यह व्यक्ति कहां था?
कहां था रामा गुप्ता इतने साल?
रामा ने घर लौटने के बाद जो कहानी बताई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उसने बताया कि यूपी में किसी गंभीर आपराधिक घटना में पुलिस ने उसे गलतफहमी में गिरफ्तार कर लिया था। उस पर झूठा आरोप लगाया गया और जेल भेज दिया गया। वहां थर्ड डिग्री टॉर्चर के तहत उससे कड़ी पूछताछ हुई। रामा ने दावा किया कि पुलिस ने हिरासत में उसके नाखून तक उखाड़ लिए थे।