Author: Mahesh Bharti
Bakhri Assembly Seat : बेगूसराय जिले के बखरी विधानसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। आज़ादी के बाद प्रथम आम चुनाव में इस सीट के गठन के 78 वर्ष बाद पहली बार इस क्षेत्र से कोई विधायक राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुआ है। लोजपा (राम विलास) के नव-निर्वाचित विधायक संजय कुमार पासवान ने मंत्री बनकर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले बखरी विधानसभा से जितने भी विधायक जीते, वे कभी मंत्री नहीं बन पाए थे। इसके उलट, बेगूसराय जिले के अन्य क्षेत्रों चेरिया बरियारपुर, साहेबपुरकमाल, बेगूसराय, तेघड़ा और बछवाड़ा से अब तक दो-दो और तीन-तीन विधायक…
Desk : कभी बिहार का ‘लेनिनग्राड’ और ‘मास्को’ कहे जाने वाले बेगूसराय में इस बार वामदलों का लाल झंडा पूरी तरह अनफ़िट साबित हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में जिले से एक भी वामपंथी विधायक नहीं जीत सका। 7 विधानसभा क्षेत्रों वाले बेगूसराय में 5 सीटें एनडीए और 2 सीटें राजद के खाते में गईं। इनमें 3 पर भाजपा, जबकि एक-एक सीट जदयू और लोजपा ने जीती। लगभग 60 वर्षों से जिले की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने वाले वामपंथियों को जनता ने लगातार दूसरी बार नकार दिया। इससे पहले 2015 में भी जिले से एक भी वामपंथी विधायक नहीं चुना…
“हमें अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था,किश्ती वहीं डूबी, जहां पानी कम था…” यह मशहूर कहावत इस बार चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र में राजद की हार पर पूरी तरह चरितार्थ होती दिखी बेगूसराय जिले की यह सीट, जो पिछले चुनाव में राजद की सेफ सीट मानी जाती थी, इस बार भीतरघात और टिकट वितरण विवाद की भेंट चढ़ गई। राजद का गढ़ टूटा, जदयू ने छीनी सीट 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार राजवंशी महतो ने जदयू की कुमारी मंजू वर्मा को करीब 40 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। लेकिन 2025 के इस चुनाव…
बेगूसराय चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अभिषेक आनंद की जीत के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं, वहीं विपक्षी राजद के खेमे में निराशा छाई हुई है। यह सीट अब तक राजद के कब्जे में थी, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का फैसला सुनाया है। राजद में मायूसी, सत्तारूढ़ दल में उत्साह इस बार राजद ने अपने सीटिंग विधायक राजवंशी महतो को टिकट नहीं दिया था और उनकी जगह सुशील कुमार कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन, जनता ने उन्हें नकारते हुए जदयू उम्मीदवार अभिषेक आनंद…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने इस बार सभी को चौंका दिया है। राज्यभर में एनडीए की सुनामी के बीच बेगूसराय जिले की मटिहानी विधानसभा सीट से लालटेन का जल उठना किसी करिश्मे से कम नहीं। राजद उम्मीदवार नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह की यह जीत महज एक दल की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के 25 वर्षों के जनसंपर्क, बाहुबल और भरोसे की जीत मानी जा रही है। राजनीति में भरोसे का दूसरा नाम — बोगो सिंह बोगो सिंह अब बेगूसराय की राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं। पिछले 25 वर्षों से वे मटिहानी की राजनीति में…
बेगूसराय, — कभी वामपंथ का लेनिनग्राद कहा जाने वाला और कांग्रेस का अभेद्य गढ़ माने जाने वाला बेगूसराय जिला इस बार के विधानसभा चुनाव में पूरी तरह से राजनीतिक बदलाव का गवाह बना। आज़ादी के बाद पहली बार, जिले की सातों विधानसभा सीटों में न तो एक भी वामपंथी विधायक जीते, न ही कांग्रेस का कोई उम्मीदवार जीत हासिल कर सका। बेगूसराय की राजनीति में यह ऐतिहासिक क्षण है — जब दो पुरानी विचारधाराएँ जिले की विधानसभा से पूरी तरह गायब हो गई हैं। बेगूसराय में नई तस्वीर: एनडीए का दबदबा, राजद की सीमित वापसी इस बार बेगूसराय की सात…
चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार टिकट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में जबरदस्त हलचल मच गई है। पार्टी सुप्रीमो ने इस सीट से अपने सिटिंग विधायक राजवंशी महतो को बेटिकट करते हुए खगड़िया जिले के सुशील कुमार कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से राजद के करीब आधा दर्जन स्थानीय दावेदार टिकट की दौड़ में शामिल थे और लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय भी थे। लेकिन पार्टी ने किसी भी स्थानीय चेहरे को टिकट के लायक नहीं समझते हुए खगड़िया के सतीश नगर निवासी सुशील कुमार कुशवाहा पर दांव लगाया। ज्योंही यह जानकारी सार्वजनिक…
बेगूसराय | The Begusarai Desk बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट के साथ ही बेगूसराय जिले की बछवाड़ा सीट पर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। इस सीट पर महागठबंधन के भीतर फिर से पेंच फंसने की आशंका है। कांग्रेस और सीपीआई—दोनों ही दल अपनी दावेदारी मज़बूत करने में जुटे हैं। सीट पर महागठबंधन का विवाद पिछले चुनाव में यह सीट सीपीआई के खाते में गई थी, लेकिन कांग्रेस नेता और दिवंगत विधायक रामदेव राय के पुत्र शिवप्रकाश गरीबदास बग़ावत कर निर्दलीय खड़े हो गए। इसका नतीजा यह हुआ कि महागठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार अवधेश राय (सीपीआई) हार गए और…
बेगूसराय। मंझौल अनुमंडल क्षेत्र का काबर टाल इलाका पिछले चार दशकों से किसानों के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बना हुआ है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि सरकार की नीतियों ने उन्हें खेती, पशुपालन और मछली पालन जैसे पारंपरिक जीविकोपार्जन से दूर कर दिया है। किसानों का कहना है कि यह समस्या 1980 के दशक में शुरू हुई।वर्ष 1986 के जिला गजट और 1989 के राज्य सरकार के गजट से 6311 हेक्टेयर भूमि को पक्षी आश्रयणी घोषित कर दिया गया।बिना वास्तविक स्थिति को समझे इस अधिसूचना ने हजारों किसानों की ज़िंदगी संकट में डाल दी। किसानों ने कोर्ट से लेकर…
Begusarai News : बेगूसराय जिले की 7 विधानसभा सीटों को लेकर एनडीए और महागठबंधन में सीट बंटवारे की तस्वीर अब तक साफ नहीं हो सकी है। राज्य स्तर पर चल रही रस्साकशी जिले में भी साफ झलक रही है और दोनों ही गठबंधनों में दावेदारों ने अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। यानि, दोनों गठबंधन के कौन सा दल कहां कहां से चुनाव लड़ेगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जिले में भाजपा 3 से 4 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इनमें बखरी, बेगूसराय और बछवाड़ा की सीट शामिल हैं। इनमें बछवाड़ा और…
