Friday, July 19, 2024
Railway News

Indian Railway : अब जनरल टिकट लेकर SL कोच में कर सकते है सफर, जानिए- क्या है नियम…

Railway : आप लोगों ने ट्रेन में जरूर सफर किया होगा और ट्रेन में सफर करने से पहले ही आपने ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी की होगी। कई बार अपने स्लीपर कोच में सफर करते हुए देखा होगा कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जनरल टिकट लेकर स्लीपर कोच में यात्रा करते हैं।

लेकिन क्या ऐसा रेलवे (Railway) के नियमों के अनुसार सही है? आइये आपको बताते हैं कि रेलवे से जुड़ा यह नियम क्या कहता है? इसके अलावा हम आपको यह भी बताने जा रहे हैं कि क्या आप ऐसा किसी भी ट्रेन में कर सकते हैं या फिर कुछ खास ट्रेनों में ही ये सुविधा मिलती है?

क्या कहता है रेलवे का नियम?

रेलवे (Railway) के नियमों के अनुसार आपको कुछ खास ट्रेनों में यह सुविधा दी जा रही है लेकिन आपको यह सुविधा सभी ट्रेनों में नहीं मिलती है। आप लोग इस सुविधा का फायदा कुछ अलग-अलग जोन की ट्रेनों में उठा सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि ऐसा करने पर आप पर TTE कोई भी फाइन या जुर्माना नहीं वसूल सकता।

बिहार की ट्रेनों में मिलती है यह सुविधा

आपको बता दे कि रेलवे (Railway) के नियमों के अनुसार बिहार की कुछ ट्रेनों में आपको यह सुविधा मिलती है। इनमे से एक ट्रेन दिल्ली से बिहार के दरभंगा के बीच चलने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी है। इस ट्रेन में यात्री सोनपुर से दरभंगा के बीच जनरल टिकट (General Ticket) पर स्लीपर कोच (SL) में यात्रा कर सकते हैं। इसी तरह से दिल्ली से सहरसा के बीच चलने वाली वैशाली एक्सप्रेस में भी यात्री सोनपुर से बरौनी के बीच जनरल टिकट पर स्लीपर कोच में यात्रा कर सकते है।

कहाँ नहीं मिलती है ये सुविधा

जबकि उत्तर रेलवे आपको ऐसी सुविधा नहीं देता है। उत्तर रेलवे का कहना है कि वह अपने क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों में ये सुविधा नहीं देती। इसका मतलब अगर आप नॉर्थन रेलवे (Northern Railway) की किसी ट्रेन में सफर करते हुए जनरल कोच की टिकट लेकर स्लीपर कोच में यात्रा करते है तो TTE आपके ऊपर जुर्माना लगा सकता है। इसलिए उत्तर रेलवे की ट्रेन में अक्सर TTE ऐसे लोगों पर फाइन लगाते है।

Durga Partap

दुर्गा प्रताप पिछले 1 सालों से बतौर Editor में के रूप में thebegusarai.in से जुड़े। इन्हें बिजनेस, ऑटोमोबाइल्स और खेल जगत से जुड़ी खबरे को गहराई से लिखने में काफी दिलचस्पी है। पिछले 5 साल से वह कई समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लगातार योगदान देते रहे हैं। दुर्गा ने MDSU से BCA की पढ़ाई पूरी की है।