Vande Bharat Express का स्लीपर वर्जन होगा राजधानी से भी बेहतर, मिलेगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं….

Vande Bharat : भारत में वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat) को काफी लोगों ने पसंद किया है और अब इसके हर तरह के कोच की ट्रेन शुरू की गई है। अब जल्दी वंदे भारत मेट्रो की शुरू की जाएगी और भारतीय रेलवे (Indian Railway) विश्व स्तरीय ट्रेने शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

आपको बता दें 1985 बैच के IRSEE अधिकारी, बीजी माल्या पिछले 30 सालों से भारतीय रेल में कार्यरत है। हाल ही में उन्होंने स्लीपर वंदे भारत की कोच के बारे में बात करते हुए बताया है कि इसकी कार बॉडी को तैयार किया जा रहा है और इसके इंटीरियर को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है।

इस बारे में उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि इसी साल 16 प्रोटोटाइप की एक कार ट्रेन शुरू करने के लक्ष्य को पूरा किया जायेगा। इसके निरीक्षण के बाद आने वाले सालों में इस प्रकार की और भी ट्रेने शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि वंदे भारत (Vande Bharat) की स्लीपर कोच वाली ट्रेन राजधानी ट्रेन से भी काफी अच्छी होने वाली है।

बीजी माल्या ने इस स्लीपर वंदे भारत कोच की सुविधाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि इसमें इन्फोटेनमेंट और ऑन बोर्ड वाई-फाई कि सुविधा मिलेगी। इसका इंटीरियर काफी खूबसूरत और एर्गोनॉमिक रूप से तैयार किया गया है जिसमें सॉफ्ट लाइट का इस्तेमाल भी किया गया है। इसमें यात्रियों के लिए सूचना प्रणाली और आग व धुआँ होने पर अलर्ट की जानकारी देने के लिए भी सिस्टम रखा गया है।

इसके अलावा इसमें इमरजेंसी टॉकबैक यूनिट, ट्रेन की टक्कर होने पर बचाव प्रणाली, केंद्रीय कोच निगरानी प्रणाली, गंतव्य स्टेशन की डिजिटल जानकारी जैसी सुविधाएं भी शामिल है। इसके अलावा इस वित्त वर्ष में चेयर कार की 75 ट्रेने बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि इनमे फोर्ज्ड व्हील और एक्सल और इंटीग्रेटेड सर्किट के लिए देश में इसे बनाने के लिए हर चीज उपलब्ध है। इन चीजों के लिए रेल मंत्रालय (Railway Ministry) ने पहले ही काम शुरू कर दिया है। इस ट्रेन के 15 लाख पाहियों के निर्माण के लिए फोर्जिंग्स और टीटागढ़ वैगन्स इस साल जून में 20 सालों का अग्रीमेंट कर लिया गया है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस ट्रेन में 22 डिब्बे होंगे, जिसमें 12 NON AC स्लीपर कारें, 8 जनरल या सेकंड क्लास कारें और 2 लगेज कम गार्ड वैन होगी और इन ट्रेनों का निर्माण ICF में किया जायेगा। इसे इसी साल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।