December 1, 2022

Train में कितने तरह की होती है वेटिंग लिस्ट? सबसे पहले कौन सी टिकट होती कंफर्म? जानें –

Train में कितने तरह की होती है वेटिंग लिस्ट? सबसे पहले कौन सी टिकट होती कंफर्म? जानें - 1

Indian Railway : यदि आपने कभी इंडियन रेलवे की सेवाएं ली हैं तो तो आप वेटिंग लिस्ट से भली भांति अवगत होंगे। वेटिंग लिस्ट में वो यात्री जाते हैं जिन्हें कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाती है। फिर यदि किसी कन्फर्म टिकट वाले यात्री ने अपनी टिकट कैंसिल करता है तो उसकी सीट आपको अलॉट कर दी जाती है। हालांकि, वेटिंग लिस्ट का गणित इतना भी आसान नहीं है। वेटिंग लिस्ट भी काफी लंबी भी हो सकती है।

यदि आपका वेटिंग लिस्ट में नंबर 50 है तो इसका मतलब 49 यात्री अगर अपनी सीट कैंसिल करेंगे तब जाकर आपकी सीट कन्फर्म होगी। मालूम हो वेटिंग लिस्ट भी कई तरह की होती हैं। अपनी इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं उन्हीं अलग अलग वेटिंग लिस्ट के बारे में।

GNWL– इसका मतलब है जनरल वेटिंग लिस्ट। अगर कोई कंफर्म्ड यात्री अपनी टिकट कैंसिल करेगा तो आपको उसकी सीट अलॉट कर दी जाएगी।

TQWL– यदि आपने तत्काल में भी टिकट की बुकिंग कराई है तो उसे भी वेटिंग में डाला जाता है। फिर उस तत्काल वेट लिस्ट (TQWL) कहा जाता है। इस श्रेणी के टिकट जल्दी कन्फर्म नहीं होते।

PQWL– इसका मतलब है पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट। ये वेटिंग कोटा जेनरल से बेहद अलग है। इस श्रेणी में वो यात्री आते हैं जो सीधे शुरुवाती स्टेशन और अंतिम स्टेशन के बीच में चढ़ने-उतरने वाले होते हैं। मसलन, दिल्ली से पटना जा रही ट्रेन में बरेली से ट्रेन पकड़कर बनारस या मुगलसराय में उतरने वाले यात्री।

RLWL– रिमोट लोकेशन वेटलिस्ट यानी छोटे स्टेशन में जो ट्रेन की सीट का कोटा होता है। दूर के स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने वालों को इस श्रेणी में डाला जाता है। मालूम हो इनकी कन्फर्म होने की संभावना बहुत होती है।

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RSWL– ऐसी वेटलिस्ट जो किसी खास स्टेशन के लिए ही होती हो उसे रोड साइट वेटलिस्ट का नाम दिया जताभाई। जैसे की मसलन केवल नई दिल्ली स्टेशन के लिए वेटलिस्ट को RSWL कहा जाएगा।

विशेष उल्लेख : इन श्रेणियों के अलावा यात्रियों को 2 अन्य तरह की टिकटें भी मिलती हैं। जिनमें एक है आरएसी। इसका मतलब है- रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसिलेशन, इसके तहत 1 ही सीट 2 RAC टिकट वाले लोगों को मिलता है। तो यदि जैसे ही कोई कन्फर्म टिकट कैंसिल होती है तो इनके टिकट को कन्फर्म किया जाता है और पूरी सीट इनको मिलती है।

पर, ये टिकट का टाइप नहीं है बल्कि आपकी टिकट पर अपडेट होता है। जिसका साफ मतलब होता है कि आपकी टिकट कन्फर्म कर दी गई है और चार्ट के बनते सामने आपको अलॉट कर दी जाएगी। मालूम हो ट्रेन के चार्ट उसके प्रस्थान के समय से करीब 4 घंटे पहले तैयार हो जाता है।