Delhi-NCR Pollution : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण लगातार बढ़ता ही जा रहा है. हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है. राजधानी के 40 में से 27 निगरानी केंद्रों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स यानि AQI 500 तक पहुंच गया है. यह एक्यूआई की अधिकतम सीमा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) इसके ऊपर का डाटा दर्ज नहीं करता है. इसके कई तरह के असर पूरे इलाके में देखने को मिल रहे हैं. पूरा इलाका प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर है. घनी धुंध और प्रदूषण का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा. फेमस फुटबॉलर मेसी और पीएम मोदी की मुलाकात भी टल गई.
Delhi-NCR में ग्रैप 3-4 एक साथ, राहत नहीं
Delhi-NCR के इलाके में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक ही दिन में ग्रैप 3 और 4 को लागू किया गया. इसके बावजूद भी हालात में सुधार नहीं दिखाई दे रहे हैं. ग्रैप 4 के तहत 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है. इसके अलावा बड़े व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक, निर्माण कार्य बंद, स्कूलों में हाइब्रिड मोड, कचड़ा या इंधन जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जेनरेटर, आरएमसी प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे और खनन पर रोक जैसे कदम शामिल हैं. इसके अलावा कच्ची सड़को पर निर्माण साम्रगी के परिवहन पर भी पाबंदी है.
हवाई सेवाओं पर सीधा असर
धुंध और प्रदूषण का सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को ऑपरेशन प्रभावित रहे. 228 फ्लाइट्स रद्द् हुई, 5 को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया और करीब 250 उड़ानें देरी से चली. इनकी परेशानियों का असर मोदी-मेसी मुलाकात पर भी दिखा. भारत दौरे पर आए अर्जेंटिना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी पीएम नरेंद्र मोदी से तय समय से नहीं मिल सके क्योंकि मुंबई से दिल्ली आने वाली उनकी चार्टर्ड फ्लाइट कोहरे के कारण देरी से रवाना हुई. पीएम मोदी भी कोहरे के कारण एक घंटे की देरी से तीन देशों की यात्रा पर निकले.
Delhi- NCR में हाइब्रिड मोड में वर्किंग
बढ़ते प्रदूषण के चलते बस 50 प्रतिशत लोगों को ऑफिस आने की इजाजत है. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण के कारण 5वी कक्षा तक की पढ़ाई केवल ऑनलाइन कराने की सलाह दी है. सूप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने वकीलों और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी है. प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. प्रदूषण का असर सिर्फ इंसान नहीं बल्कि जानवरों पर भी हो रहा है. पशु चिकित्सकों के अनुसार पिछले डेढ़ महीने में 55-60 कुत्ते बिल्लियों में फेफड़ो की गंभीर समस्याएं सामने आई है.
कुल मिलाकर राजधानी की जहरीली हवा ने जनजीवन, शिक्षा, परिवहन और न्यायिक प्रक्रिया सबों को प्रभावित किया है. सख्त उपायों के बावजूद राहत ना मिलना इंप्लिमेंटशन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

