LPG Gas Cylinder Crisis : मध्य पूर्व में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलमार्ग से होने वाली गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने देशभर में एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 लागू कर दिया है। संभावित गैस किल्लत को देखते हुए बिहार सहित कई राज्यों में फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
बिहार में प्रतिदिन करीब 2.5 लाख गैस सिलेंडरों की सप्लाई होती है, जिसमें लगभग 12,500 कॉमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं। ये सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल और हॉस्टल जैसी संस्थाओं को दिए जाते हैं। एजेंसियों के अनुसार पिछले तीन दिनों से नए सिलेंडर की सप्लाई नहीं पहुंची है, इसलिए फिलहाल बाजार में वही सिलेंडर उपलब्ध हैं जो पहले से स्टॉक में हैं।
कॉमर्शियल गैस की कमी की खबरों के बीच घरेलू उपभोक्ताओं में भी पैनिक बुकिंग बढ़ गई है। यही वजह है की गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
स्थिति को देखते हुए स्पेशल ब्रांच के डीआईजी ने सभी डिविजनल कमिश्नर, आईजी-डीआईजी, डीएम और एसएसपी/एसपी को अलर्ट जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बिहार में भी एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अलर्ट में यह भी कहा गया है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ सकती है, जिससे अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका है। साथ ही असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी किए जाने की संभावना भी जताई गई है।
सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे गैस एजेंसियों, विक्रेताओं और पेट्रोल पंपों के आसपास सतर्क निगरानी रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन को आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही आम लोगों को सही जानकारी देने और किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया है।


