Bihar में होगा 4 नए शानदार एक्सप्रेस-वे का निर्माण, इन 28 जिलों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, जानें – रूट…

डेस्क : बिहार में सड़कों और पुलों के निर्माण पर सरकार काफी काम कर रही है। नए वित्तीय वर्ष में चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण और रखरखाव को प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य के सभी पुलों के हेल्थ कार्ड बनाये जायेंगे. इसके अलावा, नवनिर्मित एक्सप्रेसवे में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (519 किमी), रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे (650 किमी), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (बक्सर से पटना होते हुए भागलपुर तक 345 किमी) और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे (215 किमी) शामिल हैं।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा गुरुवार को बिहार विधानसभा में पथ निर्माण विभाग की ओर से पेश अनुदान मांग पर चर्चा के बाद सरकार का पक्ष रख रहे थे। सदन में विपक्ष ने सरकार के जवाब का विरोध किया और इसी बीच सभी विपक्षी सदस्य कार्यवाही का बहिष्कार कर चले गये। सरकार के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने पथ निर्माण विभाग की 5702 करोड़ 80 लाख 56 हजार रुपये की अनुदान मांग को ध्वनि मत से पारित कर दिया।

13,500 पुलों का डेटाबेस तैयार होगा

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में बताया कि फिलहाल राज्य में 4 लेन एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव है, जिसे बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से 6 लेन के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 13,500 बड़े/छोटे पुलों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलों के बेहतर रख-रखाव के लिए पुल रखरखाव प्रबंधन मार्गदर्शिका तैयार की गयी है। इससे एक ओर जहां इंजीनियरों को पुलों के रखरखाव में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर इन सभी पुलों का हेल्थ कार्ड जैसा डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा, जिसके आलोक में आगे की कार्रवाई की जायेगी।

जेपी गंगा पथ के दोनों ओर उद्यान

उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि दीघा और गांधी मैदान के बीच जेपी गंगा पाठ के दोनों साइड 50 हेक्टेयर भूमि में 7 किमी जगह का इस्तेमाल का 90 फीसदी हरित क्षेत्र का निर्माण होगा। वहीं 10 प्रतिशत क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के साथ रिवर फ्रंट, पार्क, बॉटनिकल गार्डन, फूड कोर्ट, साइकिल ट्रैक, वॉकिंग पाथ, पार्किंग आदि विकसित किए जाएंगे। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। 4,000 चार पहिया और 13,000 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। इसका प्रयोग विशेष रूप से छठ पूजा में किया जा सकता है।