Begusarai News : बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नोनपुर गांव में 31 दिसंबर की रात एसटीएफ और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात नक्सली एरिया कमांडर दयानंद मालाकार मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ और बेगूसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने कुल 15 राउंड फायरिंग की।
घटना के संबंध में एसटीएफ, एसओजी के दारोगा नेपाली कुमार ने तेघड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार पुलिस की दो टीमों ने इनामी नक्सली दयानंद मालाकार के घर को घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। एक टीम पूरब-उत्तर दिशा से, जबकि दूसरी टीम पश्चिम-दक्षिण दिशा से आगे बढ़ी। इसी दौरान नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस द्वारा स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए नक्सलियों से सरेंडर करने की अपील की गई, लेकिन इसके बावजूद फायरिंग जारी रही। जान की रक्षा और सरकारी हथियारों की लूट से बचने के लिए पुलिस ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें दयानंद मालाकार मारा गया।
मौके से दयानंद मालाकार के पास से एक देसी कार्बाइन बरामद की गई। वहीं उसकी जेब से लेवी वसूली से संबंधित कागजात और हिसाब-किताब भी मिला है। पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी पिस्टल, एक इंसास राइफल और कारतूस भी बरामद किए हैं।
तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल के बगल में छुपी एक झोपड़ी से दयानंद मालाकार की पत्नी ममता देवी और रंजीत मालाकार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में ममता देवी ने स्वीकार किया कि वह नक्सली गतिविधियों के कई मामलों में पहले भी जेल जा चुकी है। उसने बताया कि वह और रंजीत मालाकार नक्सली वारदात की योजना बनाने के लिए वहां एकत्र हुए थे।
मुठभेड़ के दौरान बाग-बगीचे का लाभ उठाकर 3-4 नक्सली फरार होने में सफल रहे। पुलिस को घटनास्थल से कुल 17 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार एके-47 से 3 राउंड और पिस्टल से 12 राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

