Begusarai News : DM श्रीकांत शास्त्री के मार्गदर्शन एवं प्रत्यक्ष देखरेख में शनिवार को एक बच्ची को कोलकाता की एकल माता को विधिवत एवं पूर्ण दत्तकग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से सौंपा गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में संपन्न कराई गई।
दत्तकग्रहण की इस प्रक्रिया के दौरान बालिका के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए उसके शारीरिक एवं मानसिक संरक्षण, भावनात्मक सुरक्षा, शिक्षा तथा भविष्य के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया। जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि बालिका को एक सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं स्थायी पारिवारिक वातावरण प्राप्त हो, जिससे उसका सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
इस अवसर पर DM ने कहा कि दत्तकग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि दत्तकग्रहण के उपरांत फॉलो-अप एवं परामर्श की प्रक्रिया CARA के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि बालिका का संरक्षण एवं कल्याण निरंतर बना रहे।
जिला प्रशासन द्वारा दत्तक माता की पात्रता, पारिवारिक पृष्ठभूमि, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति तथा बालिका के पालन-पोषण की क्षमता का गहन आकलन किया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन कर सक्षम न्यायिक एवं प्रशासनिक अनुमति के उपरांत ही दत्तकग्रहण की अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई।

