Begusarai News : बेगूसराय के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव तथा प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायकों के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) एवं सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (Localization of Sustainable Development Goals) विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC), कंकौल, बेगूसराय में प्रारंभ हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी, जिला पंचायत संसाधन केंद्र, बेगूसराय डॉ० गोपाल मिश्रा द्वारा यूनिसेफ एवं पिरामल फाउंडेशन के आमंत्रित प्रशिक्षकों तथा महिला मुखिया के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
5 जनवरी को प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सदर प्रखंड सहित वीरपुर, भगवानपुर एवं तेघड़ा प्रखंड के ग्राम पंचायत मुखिया, पंचायत सचिव एवं प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण की प्रक्रिया, स्वस्थ ग्राम पंचायत की अवधारणा तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला पंचायत संसाधन केंद्र, बेगूसराय के मास्टर प्रशिक्षक प्रवीण कुमार एवं पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश तथा दीपक कुमार मिश्रा द्वारा स्वस्थ पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं, आपदा जोखिम न्यूनीकरण को ध्यान में रखते हुए जोखिम-सूचित ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया एवं गतिविधियों की जानकारी यूनिसेफ के पदाधिकारियों द्वारा दी गई।
प्रशिक्षण के माध्यम से मुखियाओं को यह बताया गया कि पंचायत की योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किस प्रकार तैयार की जाएं, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर, स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सकें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत योजनाओं को जनभागीदारी आधारित, डेटा-आधारित तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान पर केंद्रित बनाना है।
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए डॉ० गोपाल मिश्रा ने ग्राम पंचायत मुखियाओं से GPDP में स्वस्थ ग्राम थीम का चयन कर उसके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नियमित अनुश्रवण तथा जन आरोग्य समिति की मासिक बैठक सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी पूजा प्रीतम ने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में GPDP के माध्यम से योजनाबद्ध एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चार प्रखंडों के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से पंचायत स्तर पर सतत विकास, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत राज्य पंचायत संसाधन संस्था, पंचायत राज विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में जिले की सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों को चरणबद्ध रूप से यह प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

