Barauni Refinery : बरौनी रिफाइनरी में कार्यरत मजदूरों ने ठेकेदारों और कंपनी प्रबंधन के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को रिफाइनरी गेट के बाहर मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में ‘एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन’ किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि रिफाइनरी के अंदर काम करने वाले ठेकेदार सरकारी नियमों को ताक पर रखकर उनका शोषण कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित मजदूरों ने स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। मजदूरों का आरोप है कि क्षेत्र का प्रतिनिधि होने के बावजूद मंत्री जी ने उनकी सुध नहीं ली।
मजदूर संघ बिका हुआ है
इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपने ही नेतृत्व यानी ‘मजदूर संघ’ पर भी गंभीर आरोप जड़े। मजदूरों ने खुलेआम कहा कि “मजदूर संघ मैनेजमेंट और ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।” उनका आरोप है कि यूनियन अब मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने के बजाय कंपनी के इशारों पर काम कर रही है, जिसके कारण उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का अभाव
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बैनर और पोस्टरों के जरिए अपनी व्यथा व्यक्त की। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद उन्हें कार्यस्थल पर न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं। मजदूरों ने विशेष रूप से निम्नलिखित चार प्रमुख मांगें रखी हैं
- उचित मजदूरी : मजदूरों को सरकारी नियमों और निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- सुरक्षा व्यवस्था : कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
- बुनियादी सुविधाएं : रिफाइनरी के अंदर मजदूरों के बैठने के लिए लेबर शेड, स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था की जाए।
- चिकित्सा सुविधा : किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्लांट के अंदर एक प्राथमिक उपचार केंद्र (First Aid Center) की स्थापना हो।
धरना प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कहा कि कंपनी और ठेकेदारों का रवैया लगातार ‘मनमाना’ होता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन अभी सांकेतिक है, यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और कार्य स्थितियों में सुधार नहीं हुआ, तो वे भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, इस प्रदर्शन के कारण रिफाइनरी के गेट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खबर लिखे जाने तक प्रबंधन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

