Begusarai Kanwar Lake : बेगूसराय स्थित एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील काँवर झील के ईको-पर्यटन (Kanwar Lake Eco-tourism) विकास को लेकर नए डीएम श्रीकांत शास्त्री (DM Srikanth Shastri) ने बड़ा फैसला लिया है। आज DM श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में प्रगति यात्रा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें काँवर झील पक्षी आश्रयणी के जीर्णोद्धार, झील के संरक्षण, जल प्रबंधन, भूमि सर्वेक्षण, अतिक्रमण हटाने, कानूनी अनुपालन एवं ईको-पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान काँवर झील के समग्र पुनरुद्धार के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना प्रस्तावित की गई है। इस योजना के तहत बूढ़ी गंडक नदी के बाएं तटबंध से अधिशेष जल को लिफ्ट कर आरसीसी नाले के माध्यम से काँवर झील तक पहुँचाया जाएगा। साथ ही झील के जल स्तर को नियंत्रित एवं संरक्षित रखने के उद्देश्य से चेक डैम (Check Dam) का निर्माण किया जाएगा, जिससे जल स्तर को 2 से 4 मीटर तक बनाए रखा जा सकेगा।
चेक डैम निर्माण को लेकर संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) ने बताया कि वर्तमान में प्रस्तावित स्थल पर 5 से 6 फीट पानी भरा हुआ है। जल स्तर कम होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
भूमि सर्वेक्षण एवं अतिक्रमण से संबंधित विषयों पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने बताया कि क्षेत्र में बसे लोगों के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित कर ली गई है। इस पर जिलाधिकारी ने अग्रतर कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि काँवर झील क्षेत्र में चल रही योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि काँवर झील क्षेत्र में जलीय पुनरुत्थान के साथ-साथ जयमंगलागढ़ (Jayamangalagarh) जैसे स्थलों को ईको-पर्यटन केंद्र (Eco-Tourism) के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

