Begusarai News : भूकंप सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को मटिहानी अंचल स्थित के.एल. हाई स्कूल में एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की विस्तृत जानकारी दी गई।
‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ का हुआ सजीव प्रदर्शन
SDRF के प्रशिक्षित जवानों ने बच्चों को बताया कि भूकंप के दौरान घबराहट ही सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से “ड्रॉप, कवर और होल्ड” (झुकना, ढकना और पकड़ना) तकनीक को समझाया। बच्चों को सिखाया गया कि कंपन महसूस होते ही किस प्रकार किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे खुद को सुरक्षित रखें।
- धैर्य का परिचय : आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहकर सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ें।
- सुरक्षित स्थानों की पहचान : स्कूल और घर में ऐसे कोनों या मजबूत ढांचों की पहचान करना जो आपदा में सुरक्षा दे सकें।
- खुले मैदान का महत्व : यदि संभव हो, तो तुरंत इमारतों से दूर खुले मैदान में चले जाएं।
- अफवाहों से बचाव : सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
गाँवों में एलईडी वैन से प्रचार
मटिहानी के अलावा तेघड़ा एवं बछवाड़ा अंचलों में भी जिला प्रशासन की मुस्तैदी देखी जा रही है। SDRF द्वारा विशेष एलईडी प्रचार वाहनों के माध्यम से वीडियो संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इन संदेशों के जरिए आम नागरिकों को भूकंप से पूर्व की तैयारी, भूकंप के दौरान की सतर्कता और आपदा के पश्चात किए जाने वाले राहत कार्यों के बारे में सरल भाषा में जागरूक किया जा रहा है।
उद्देश्य: ‘सतर्क समाज, सुरक्षित भविष्य’
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर स्कूली बच्चों में आपदा प्रबंधन के प्रति समझ विकसित करना है। अधिकारियों का मानना है कि यदि बच्चे प्रशिक्षित होंगे, तो वे अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकेंगे, जिससे किसी भी संभावित आपदा में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा।

