Jayamangalagarh and Kabar Lake : नववर्ष के अवसर पर बेगूसराय जिले के प्रमुख पिकनिक स्थल और धार्मिक-पर्यटन केंद्र जयमंगलागढ़ एवं काबर झील दिनभर लोगों से खचाखच भरे रहे। अहले सुबह से ही पिकनिक मनाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं का तांता मंझौल स्थित विश्वप्रसिद्ध शक्तिपीठ-सिद्धपीठ जयमंगलागढ़ और उसे चारों ओर से घेरे काबर झील की ओर लगा रहा। श्रद्धालुओं ने जयमंगलागढ़ मंदिर में पूजा-अर्चना कर नववर्ष का स्वागत किया और पिकनिक का आनंद लिया।
मंझौल अनुमंडल एवं बेगूसराय जिले का प्राचीनतम ऐतिहासिक स्थल जयमंगलागढ़ लगभग 200 बीघा क्षेत्र में फैला एक विशाल टीला है, जो चारों ओर से वन क्षेत्र और काबर जलक्षेत्र से घिरा हुआ है। टीले पर स्थित जयमंगला देवी का मंदिर कई शताब्दी पुराना है और इसे शक्तिपीठ तथा सिद्धपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। नववर्ष पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचे और देवी दर्शन के साथ उत्सव का आनंद उठाया। टीले का वन क्षेत्र पिकनिक मनाने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां लोगों ने भोजन बनाया और मेले जैसा माहौल रहा।
बेगूसराय के अलावा समस्तीपुर, खगड़िया, पटना सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग मंझौल से ई-रिक्शा व अन्य वाहनों के माध्यम से जयमंगलागढ़ पहुंचे।
भीड़ को नियंत्रित करने एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। गढ़ क्षेत्र में प्रवेश के सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी तथा दंडाधिकारी की तैनाती के साथ पुलिस बल मुस्तैद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी।
हालांकि, नववर्ष पर काबर झील पहुंचे सैलानियों को नौका विहार का आनंद नहीं मिल सका। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने नौका परिचालन पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद हजारों लोग झील तट पर पहुंचे और झील के बीच स्थित ऊंचे स्थानों पर पिकनिक मनाते नजर आए। झील में सजी नावें डल झील की याद दिला रही थीं, लेकिन इस बार प्रशासन का रुख सख्त रहा।
जयमंगलागढ़ में उमड़ी भीड़ के कारण मंझौल-गढ़पुरा तथा मंझौल-महुआ मोड़ से महेशबारा रोड तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। हरसाइन–जयमंगलागढ़ रोड, गढ़खौली मुसहरी से जयमंगलागढ़ जाने वाली सड़क तथा तिनमुहानी जयमंगलागढ़ द्वार पर बैरिकेडिंग कर वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई, जिससे लोगों को पैदल ही मंदिर और गढ़ तक पहुंचना पड़ा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जयमंगलागढ़ मंदिर परिसर में विशेष बैरिकेडिंग और नियंत्रण व्यवस्था की गई थी। शांतिपूर्ण माहौल में श्रद्धालुओं ने जयमंगला देवी के दर्शन कर नववर्ष की मंगलकामना की।

