Highlights :
- इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन देरी से पहुंची छात्रा को प्रवेश न मिलने पर भारी हंगामा
- प्रवेश रोकने पर भीड़ ने परीक्षा केंद्र के गेट का ताला तोड़कर छात्रा को जबरन अंदर भेजा
- केंद्राधीक्षक ने नियमों का हवाला देते हुए छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोका और केंद्र से बाहर निकाला
- स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और बल प्रयोग कर उग्र भीड़ को केंद्र से दूर खदेड़ा
Begusarai News : बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन बेगूसराय के एक परीक्षा केंद्र पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब देरी से पहुंची छात्रा को प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। मामला नगर थाना क्षेत्र के आदर्श परीक्षा केंद्र जेके प्लस टू स्कूल का है। छात्रा को अंदर जाने से रोकने पर भीड़ ने केंद्र का ताला तक तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग कर स्थिति संभालनी पड़ी।
ताला तोड़कर छात्रा को भेजा अंदर, फिर..
जानकारी के अनुसार, मटिहानी के बालिका प्लस टू स्कूल की छात्रा निर्धारित समय के बाद केंद्र पर पहुंची थी। गेट बंद होने के कारण जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका, तो बाहर मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हंगामे के बीच भीड़ ने कथित तौर पर गेट का लॉक तोड़ दिया और छात्रा को जबरन अंदर भेज दिया।
हालांकि, अंदर तैनात कर्मियों और केंद्राधीक्षक ने छात्रा को परीक्षा हॉल में बैठने नहीं दिया। करीब आधे घंटे की जद्दोजहद और केंद्राधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद छात्रा को पुनः केंद्र से बाहर निकाल दिया गया, जिससे लोग और उग्र हो गए।
ई-रिक्शा ने बिगाड़ा खेल, बर्बाद हो गया साल
परीक्षा से वंचित छात्रा ने रोते हुए बताया कि वह समय पर घर से निकली थी, लेकिन ई-रिक्शा की धीमी गति के कारण उसे पहुंचने में देरी हो गई। फूट-फूटकर रोती हुई छात्रा ने कहा, “मेरा पूरा एक साल बर्बाद हो गया।” मौके पर मौजूद उसकी सहेलियों ने उसे संभालते हुए ढांढस बंधाया।
“छात्रा करीब आधा घंटा विलंब से पहुंची थी। बोर्ड के नियमों के अनुसार, एक मिनट की भी देरी होने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य है।” – केंद्राधीक्षक नमिता कुमारी
वहीं, बाहर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का दावा था कि छात्रा मात्र 10-12 मिनट ही लेट थी, लेकिन प्रशासन अपने निर्णय पर अडिग रहा। अंततः मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों ने उग्र भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू कराई गई।

