Begusarai News : बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा शुरू होने से पहले ही बेगूसराय पुलिस ने परीक्षार्थियों को ठगने और प्रश्न पत्र लीक करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। बखरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो कोचिंग संचालक बनकर छात्रों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार लखीसराय से भी जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह टेलीग्राम चैनल ‘Bihar Board Out Question’ और व्हाट्सएप ग्रुप ‘ACHUK WAN 01’ के जरिए अपना गोरखधंधा चला रहा था। गिरफ्तार आरोपी संतोष कुमार ने कबूल किया है कि वह सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्रों के कुछ अंश वायरल कर छात्रों को यकीन दिलाता था कि उसके पास असली प्रश्न पत्र मौजूद हैं।
छापेमारी में मिले पुख्ता सबूत
आरोपी के मोबाइल की जांच में 7 फरवरी को हुई इंटरमीडिएट केमिस्ट्री की परीक्षा के वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्नों का हिस्सा मिला है। जब प्रशासन ने इसका मिलान मूल प्रश्न पत्र से किया, तो दोनों बिल्कुल समान पाए गए। इससे स्पष्ट होता है कि गिरोह के पास परीक्षा सामग्री तक पहुंच थी।
एक प्रश्न पत्र के लिए 40 हजार
जांच में सामने आया कि गिरोह केवल प्रश्न पत्र ही लीक नहीं कर रहा था, बल्कि छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूल रहा था। संतोष ने मैट्रिक परीक्षा के संपूर्ण प्रश्न पत्र के बदले 40,000 रुपए की मांग की थी। पैसे मंगवाने के लिए 7549785810 और 7488372702 जैसे मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। यही नहीं ग्रुप में ‘Best of Luck’ जैसे संदेश भेजकर और “मौका हाथ से निकल गया तो पछताओगे” जैसी बातें कहकर छात्रों को जल्द पैसा देने के लिए उकसाया जाता था।
एडमिन की तलाश जारी
FIR के मुताबिक, इस नेटवर्क में लखीसराय का पंकज कुमार अहम भूमिका निभा रहा था। गिरोह ने टेलीग्राम ग्रुप में ऐसी सेटिंग कर रखी थी कि केवल एडमिन ही संदेश भेज सके, ताकि छात्र आपस में चर्चा न कर सकें और गिरोह की प्रामाणिकता पर सवाल न उठाएं।
“बखरी डीएसपी कुंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और सीडीआर (CDR) को खंगाला जा रहा है।”
अफवाहों से बचें छात्र
जिला प्रशासन और पुलिस ने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें। ठग छात्रों की घबराहट का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।

