Begusarai News: बेगूसराय जिले के एक युवा वैज्ञानिक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है. इलाके के रहने वाले युवा रितेश कुमार की लाश उत्तराखंड के हरिद्वार में मिली है. उनकी लाश कमरे में फंदे से लटकी मिली थी. मामला सामने आने के बाद से इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है. बता दें कि रितेश पतंजलि में रिसर्च करते थे और उनकी उम्र बस 28 वर्ष थी. आर्कियोलॉजिकल विभाग में नितेश जूनियर रिसर्चर के पद पर थे. रितेश रिसर्च सेंटर के बगल में ही किराए पर रहते थे.
रितेश रविवार को छुट्टी पर थे.वह पूरे दिन अपने कमरे में थे. शाम तक जब वो अपने कमरे से बाहर नहीं आए और कोई हलचल नहीं दिखी तो सहकर्मियों ने खिड़की से झांका. उन्होंने तब देखा कि रितेश का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था. मंगलवार शाम को लाश को बेगूसराय लाया गया. रितेश का गांव बेगूसराय के कोरैया गांव लाया गया. रितेश का अंतिम संस्कार सिमरिया गंगा घाट पर हुआ. उनके बड़े भाई नितेश ने उन्हें मुखाग्नि दी. रितेश के पिता अभयु कुमार पंचायत समिति के सदस्य रह चुके हैं
रितेश बचपन से ही मेधावी थे और शुरु से ही विज्ञान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते थे. लगभग डेढ़ महीने पहले ही उनका चयन पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुआ था. रितेश की लाश मिलने के बाद सहकर्मियों ने इसकी सूचना संस्थान के मेडिकल विभाग और स्थानीय बहादराबाद थाना को दी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था. दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. कमरे की तलाशी के बाद मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला जिससे कुछ समझ नहीं आ रहा है.
परेशान हैं परिजन
परिजन इस बात को स्वीकार नहीं पा रहे हैं कि रितेश ने यह कदम क्यों उठाया. सूचना मिलते ही परिजन हरिद्वार पहुंचे और शव को बेगूसराय लाया गया. परिजनों का कहना है कि अभी तो उसने करियर की शुरुआत ही की थी. उनका कहना है कि उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि रितेश उन्हें इतनी जल्दी छोड़कर चला गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या नौकरी में रितेश पर कोई मानसिक दबाव था या वह कोई निजी कारण से परेशान था. पुलिस कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है. फिलहाल पुलिस ने अब तक कोई खुलासा नहीं किया है.


