Begusarai News : बेगूसराय में DM श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवाएं) से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं, पोषण कार्यक्रमों की प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान DM ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, विद्युत एवं रसोईघर जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है, वहां पीएचईडी के कनीय अभियंता से समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश सभी सीडीपीओ को दिया गया। साथ ही अधूरी मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पोषण ट्रैकर, टीएचआर वितरण, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से लाभार्थियों के सत्यापन, बच्चों के पोषण स्तर (SAM/MAM) तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाली परियोजनाओं को कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए विशेष अभियान चलाकर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, भूमि चिन्हांकन, एनओसी की स्थिति तथा मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से भवन निर्माण की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत संचालित मिशन शक्ति की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। वन स्टॉप सेंटर फॉर वूमेन, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, पालनाघर एवं शक्ति सदन की प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश संबंधित केस वर्करों को दिए गए।
जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के तहत महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा की गई। वहीं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हिंसा पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। शक्ति सदन में रह रही महिलाओं व बच्चों की स्थिति, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, पालनाघर के संचालन तथा सामाजिक पुनर्वास कोष के अंतर्गत सहायता राशि वितरण की भी समीक्षा की गई।

