Begusarai News : बेगूसराय सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम के बाहर कुत्ते द्वारा इंसान का पैर लेकर भागने के वायरल वीडियो मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने घोर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोपी दो चतुर्थवर्गीय कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अस्पताल महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या थी घटना की असली वजह?
अस्पताल प्रबंधन की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, वह पैर किसी लावारिस लाश का नहीं, बल्कि एक मरीज के ऑपरेशन के बाद शरीर से अलग किया गया हिस्सा था। नियमानुसार, ऐसे मानव अंगों को बायो-मेडिकल वेस्ट (Bio-Medical Waste) के मानकों के तहत सुरक्षित तरीके से निस्तारित किया जाना चाहिए था। लेकिन दोषी कर्मियों ने इसे कचरा ढोने वाली ट्रॉली में ही खुला छोड़ दिया, जो संवेदनहीनता की पराकाष्ठा थी।
इन कर्मियों पर गिरी गाज
प्रशासन ने घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए दो कर्मियों को दोषी पाया है, सुनील कुमार मल्लिक (चतुर्थवर्गीय कर्मी) और राजेश पासवान (चतुर्थवर्गीय कर्मी) को बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के तहत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान राजेश पासवान का मुख्यालय CHC बरौनी और सुनील कुमार मल्लिक का मुख्यालय PHC मटिहानी तय किया गया है।
शर्मसार वीडियो के बाद जागी व्यवस्था
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक आवारा कुत्ता अस्पताल परिसर में इंसानी पैर मुंह में दबाए भाग रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने शोर मचाकर कुत्ते से उस अंग को वापस लिया था। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की भारी किरकिरी कराई थी, जिसके बाद बेगूसराय सदर अस्पताल में मानवता शर्मसार जैसी खबरें सुर्खियों में रहीं।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अमानवीय व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। -जिला प्रशासन, बेगूसराय
अब बायो-मेडिकल वेस्ट पर रहेगा सख्त पहरा
इस घटना के बाद जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। कचरा प्रबंधन और मृत अंगों के निस्तारण में कोताही बरतने पर अब सीधे अस्पताल प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल, सदर अस्पताल में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।


