Begusarai News : बेगूसराय में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब मामूली बहस का अंजाम सीधे हत्या के रूप में सामने आ रहा है। आलम यह है कि बदमाशों के मन में न तो जिला प्रशासन का खौफ है और न ही सूबे के गृह मंत्री का डर। बीते 24 घंटों के भीतर जिले में हत्या की तीन बड़ी वारदातों ने पुलिसिया दावों की पोल खोलकर रख दी है। ताजा मामला एफसीआई थाना क्षेत्र के बीहट नगर परिषद का है, जहाँ महज ‘खैनी’ न देने पर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मासूम बेटी के सामने मारी गोली
मृतक की पहचान बीहट वार्ड नंबर-29 निवासी अकलू महतो के 21 वर्षीय पुत्र छोटू महतो के रूप में हुई है। सोमवार की शाम छोटू अपनी दो साल की मासूम बेटी को गोद में लेकर घर से महज 50 मीटर दूर एक जनरल स्टोर पर बिस्किट खरीदने गया था। इसी दौरान इलाके का कुख्यात नशाखोर (स्मैकर) चिंटू वहाँ पहुँचा और छोटू से खैनी मांगी। छोटू द्वारा इनकार करने पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपी ने पिस्टल निकाल ली और छोटू की छाती में गोली दाग दी।
मजाक समझना पड़ा भारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी चिंटू ने दो बार धमकी दी थी कि “खैनी नहीं दोगे तो मार देंगे।” छोटू इसे मजाक समझता रहा, लेकिन सनकी अपराधी ने सरेआम फायरिंग कर दी। गोली लगते ही छोटू लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात के बाद अफरा-तफरी मच गई, जिससे घबराकर आरोपी चिंटू अपनी पिस्टल मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में कोहराम, पुलिस जांच में जुटी
मृतक छोटू महतो बरौनी रिफाइनरी विस्तारीकरण परियोजना में राजमिस्त्री का काम करता था और रात में घर के पास अंडे की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके पिता अकलू महतो ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा अपनी छोटी बच्ची के साथ दुकान गया था, जहाँ अपराधी ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
“घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँच गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”
– पंकज कुमार, सदर-2 डीएसपी
आखिर कब थमेगा अपराध?
बेगूसराय में एक के बाद एक हो रही हत्याओं ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। 24 घंटे में तीन मर्डर की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशाखोरों और छोटे अपराधियों के पास हथियारों की उपलब्धता ने आम नागरिक का सड़क पर चलना दूभर कर दिया है।

