Begusarai News : बिहार विधान परिषद के सत्र में राजधानी पटना की कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हुए। आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने पटना के राम कृष्ण नगर थाना क्षेत्र से बेगूसराय की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला उठाते हुए पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया।
क्या है पूरा मामला?
मामला बरौनी थाना अंतर्गत सिमरिया घाट, साकिन रूपनगर वार्ड-4 निवासी अशोक महतो की पुत्री से जुड़ा है। बताया गया कि 26 जनवरी 2026 को उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी पटना के चमन चक (राम कृष्ण नगर थाना) से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद जब पीड़ित पिता थाने पहुंचे, तो पुलिस का व्यवहार मदद करने के बजाय अपमानजनक रहा।
पुलिस की शर्मनाक टिप्पणी
सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि जब पीड़ित पिता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई, तो थाने में मौजूद कर्मियों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। एमएलसी के अनुसार, पिता को यह कहकर टाल दिया गया कि
“आपकी बेटी दो महीने मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी, आप घर जाइए।”
सुनील सिंह ने इस बयान को अमानवीय और शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की सुरक्षा का नहीं, बल्कि राज्य की गिरती कानून-व्यवस्था का सबूत है।
सदन में हंगामा और सभापति का निर्देश
इस मामले के सामने आते ही सदन में तीखी बहस छिड़ गई। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधान परिषद के सभापति ने सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं:
- सरकार इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करे।
- नाबालिग की बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन हो।
- संवेदनहीन टिप्पणी करने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

