पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप एक होना चाहिए या नहीं ? बच्चे पैदा करने में आती है…

डेस्क : पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप एक होना चाहिए या नहीं ? इस प्रकार के कई सवाल हमारे दिमाग में आते हैं, शादी करने से पहले लोग अक्सर यह देखते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप एक है या अलग। यदि एक होता है तो लोग शादी करने से कतराते हैं लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि एक ब्लड ग्रुप एक होने की वजह से लोग शादी नहीं करते हैं।

लोगों को मानना है कि यदि ब्लड ग्रुप एक है तो बच्चा होने में दिक्कत होती है, यदि बच्चा हो भी गया तो वह किसी ने किसी मेडिकल कंडीशन से जूझेगा इसलिए समाज इस प्रकार की शादी नहीं करने देता है। लेकिन इन सबके बीच हमें डॉक्टर अहमद खान बताती है कि यह सब धारना अपने आप में बिल्कुल गलत है। दरअसल, जब पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप एक होता है तो दोनों मुसीबत के वक्त एक दूसरे को ब्लड की आवश्यकता पूरी कर सकते हैं।

ऐसी मे यदि दोनों का ब्लड ग्रुप एक है तो यह काफी जटिल सिचुएशन है। इसमें कपल को ग्लोबुलीन इंजेक्शन लेना चाहिए यह इंजेक्शन आरएच पॉजिटिव ब्लड सेल और एंटीबॉडीज को खत्म कर देता है साथ ही साथ प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानी को भी जड़ से खत्म कर देता है, प्रेगनेंसी के वक्त इस इंजेक्शन को लिया जाता है। आजकल नए-नए तरह के मेडिटेशन उपलब्ध है। इन मामलों में आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और वह डॉक्टर आपको जिस भी प्रकार से दिशा निर्देश करें आप उसका पालन कर सकते है। सेम ब्लड ग्रुप वाले लोग भी हेल्दी बच्चों को जन्म देते हैं।