Bihar News : सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने और घायलों को समय पर उपचार प्रदान करने के संबंध में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना की घोषणा की है। बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अब सड़क हादसे के शिकार लोगों को अस्पताल में 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलेगा। यह सुविधा शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के पीड़ितों के लिए बराबर लागू होगी।
गोल्डन ऑवर में मिलेगा जीवनदान
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य दुर्घटना के तुरंत बाद के ‘गोल्डन ऑवर’ यानी पहले एक घंटे में घायलों को उचित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल की दूरी और आर्थिक तंगी के कारण इलाज में देरी होती है। इससे जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। अब कैशलेस व्यवस्था होने से पीड़ित के परिजनों को पैसों की चिंता नहीं करनी होगी। इसके अलावा अस्पताल तुरंत उपचार शुरू कर सकेंगे।
मदद करने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ को 25000 रुपया का इनाम
सरकार ने राहगीरों को घायलों की मदद के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इनाम की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले को 25000 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, अक्सर लोग कानूनी पचड़ों और पुलिसिया पूछताछ के डर से मदद करने से कतराते हैं। यह वित्तीय प्रोत्साहन और सम्मान लोगों के मन से डर निकालकर उनमें सेवा की भावना जगाएगा।
जल्द लागू होगी पूरी प्रक्रिया
दिल्ली में आयोजित देश भर के परिवहन मंत्रियों की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी है। परिवहन विभाग अब इस योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर रहा है। सरकार का मानना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा को पुख्ता करेगा। वहीं मानवीय संवेदनाओं को भी सशक्त बनाएगा। इस पारदर्शी व्यवस्था से आम लोगों को शीघ्र लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इससे सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है।

